शुभेंदु बोले- उत्तर बंगाल में चिंता की बात नहीं, 47 लापता लोगों से संपर्क, सभी सुरक्षित

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। पश्चिम बंगाल प्रशासन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पड़ोसी देश भूटान में प्राकृतिक बांध टूटने की खबर सामन आई। जानकारी के मुताबिक भूटान में ग्लेशियर झील का प्राकृतिक बांध अचानक टूट गया जिसे उत्तर बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका जताई गई।
बाढ़ की आशंका के चलते 47 लोगों के लापता होने की खबर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिससे लोगों में घबारहट फैल गई और दहशत व्याप्त हो गई। आनन-फानन में प्रशासन ने मोर्चा संभाला और चौबीस घंटे निगरानी रखी जाने लगी। अबतक मिली जानकारी के मुताबिक संकोश नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। इस नदी में ज्यादा हलचल न होने से लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
हालांकि प्रशासन चौबीस घंटे से इस नदी पर अपनी नज़र बनाए हुए है। इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को लोगों को आश्वस्त किया कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि संकोश नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और लापता बताए जा रहे सभी 47 लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है।
भूटान में ग्लेशियर झील फटने से पैदा हुई बाढ़ की आशंका
भूटान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित गासा जिले में गुरुवार शाम शिंताफू हिमनद झील का प्राकृतिक बांध टूट गया था। इसके बाद अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। झील से निकला पानी भूटान की मफू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ने लगा।

इस घटना के बाद उत्तर बंगाल और असम के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। भूटान की ओर से चेतावनी जारी होने के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन भी सतर्क हो गया और अलर्ट जारी कर दिया गया। शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासन को नज़र रखने और लोगों को सतर्क करने के निर्देश जारी कर दिए।
किसी भी तरह की जनहानि से बचने के प्रशासन पूरी तरह से तैयार था। निचले इलाके के लोगों को चेतावनी जारी कर दी गई और साथ ही रेस्क्यू के लिए टीमें पूरी तरह से तैयार थीं। हालांकि अबतक बाढ़ को लेकर कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है।
संकोश नदी खतरे के निशान से नीचे, 47 लोग सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कोलकाता के साल्टलेक स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूरी रात स्थिति पर नजर रखी और समय रहते सतर्कता बरतने के कारण किसी बड़े संकट को टालने में सफलता मिली।
समय से जानकारी मिलने की वजह से सारे इंतज़ाम भी समय रहते कर लिए गए और लोगों की जान बचाई जा सकी। फिलहाल हालात सामान्य हैं और लोग भी राहतभरी सांस ले रहे है।
रातभर निगरानी में जुटा रहा प्रशासन
मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुक्रवार तड़के चार बजे तक जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उत्तर बंगाल के मंत्री और विधायक हालात पर नजर बनाए हुए थे। राज्य सचिवालय नवान्न के नियंत्रण कक्ष के साथ भी लगातार संपर्क रखा गया।
उन्होंने प्रशासनिक समन्वय और समय पर उठाए गए सतर्कता के कदमों को अहम बताया। साथ ही लोगों से अपील की कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।
अलीपुरदुआर में 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
भूटान सरकार की चेतावनी के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन ने अलीपुरदुआर जिले में करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उनके लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
ग्लेशियर झील का प्राकृतिक बांध टूटने के बाद पानी के संकोश नदी की ओर बढ़ने से उत्तर बंगाल के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बनी थी। ऐसे में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की।

उत्तर बंगाल में फिलहाल चिंता की बात नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भरोसा जताया कि फिलहाल उत्तर बंगाल में चिंता की कोई बात नहीं है। उनके अनुसार, संकोश नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और लापता बताए गए सभी 47 लोगों से संपर्क हो चुका है।
कुल मिलाकर, भूटान में शिंताफू हिमनद झील का प्राकृतिक बांध टूटने के बाद उत्तर बंगाल में बाढ़ की आशंका पैदा हुई थी। प्रशासन ने अलीपुरदुआर में करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने मौजूदा स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए लोगों से नहीं घबराने की अपील की है। (Expose India)
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