ईरान-इजराइल युद्ध और आर्थिक संकट पर मायावती ने जताई चिंता, सरकार से गरीबों को राहत देने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त होने को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण खासतौर पर ऊर्जा संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ने की आशंका है। मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से “संयम” बरतने की अपील यह संकेत देती है कि भारत के सामने केवल पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस जैसे पेट्रोलियम पदार्थों का संकट ही नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक संकट भी गहराने वाला है।

बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा कि मौजूदा परिस्थितियों का सीधा असर करोड़ों भारतीयों के जीवन पर पड़ रहा है और यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो आम जनता की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी पहले ही कोरोना काल की मार झेल चुकी है, जहां लोगों को रोज़ी-रोटी तक के संकट का सामना करना पड़ा। ऐसे में अब आम लोगों के पास और अधिक “संयम” बरतने या खोने के लिए बहुत कुछ नहीं बचा है।

केंद्र और राज्य सरकारों से गरीब परिवारों को राहत देने की अपील

पूर्व सीएम और बसपा अध्यक्ष मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि मौजूदा संकट के दौर में गरीब और मेहनतकश परिवारों को राहत देने के लिए सरकारों को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें ऐसे परिवारों को कुछ सहायता और सहारा देने के लिए बेहतर उपाय करती हैं तो यह जनहित और देशहित दोनों के लिए उचित होगा। बसपा सुप्रीमो ने इसे आम जनता की भावना बताते हुए सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।