जाति जनगणना PC: 19 सितंबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का आह्वान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वक्ताओं ने 2027 की जनगणना में पिछड़े वर्गों (BC) को भी शामिल करने और जातियों की राज्यवार ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग रखी।
जाति आधारित जनगणना को लेकर सामाजिक संगठनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे ‘वी द पीपल’, ‘संविधान बचाओ संघर्ष समिति’, ‘ऑल इंडिया फेडरेशन फॉर सोशल जस्टिस’ और कई अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से किया गया।

संवाददाता सम्मेलन को डॉ. सूरज यादव मंडल, डॉ. अरुणेश यादव, एडवोकेट बलराज मालिक, पूर्व जज मनोज कुमार, ज्योति माला, शशि बाला यादव, सुनील सरदार, झारखंड राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष राजेश गुप्ता तथा राजनारायण ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि इस मामले में देश की जनता को बार-बार धोखा दिया जा रहा है। उनके अनुसार, इससे ऐसा डेटा सामने आने की आशंका है जिसका विश्लेषण नहीं किया जा सकेगा और जो OBC के हितों के लिए नुकसानदेह होगा।
2027 की जनगणना में BC को शामिल करने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने कहा कि बहुसंख्यक समुदाय के अधिकारों के लिए 2027 में एक ईमानदार जाति जनगणना जरूरी है। उन्होंने मांग रखी कि 2027 की जनगणना के प्रश्न संख्या 10 में SC और ST की संवैधानिक श्रेणियों के साथ पिछड़े वर्गों यानी BC को भी शामिल किया जाए।
इसके साथ ही प्रत्येक संवैधानिक श्रेणी—SC, ST और BC—के लिए जातियों की राज्यवार ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की गई।
जातियों की राज्यवार सूची की मांग
वक्ताओं की मांग है कि जनगणना में जातियों की पहचान और विवरण के लिए राज्यवार ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध हो। उनका कहना है कि SC, ST और BC के लिए ऐसी व्यवस्था आवश्यक है ताकि संबंधित श्रेणियों से जुड़े आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्ज किए जा सकें।
19 सितंबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का आह्वान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना में OBC के साथ कथित धोखे और फ्रॉड के विरोध में 19 सितंबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का आह्वान किया गया।

आयोजकों की ओर से #जाति_जनगणना और #19SeptemberBlackDay के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखी गई मांगों में 2027 की जनगणना में BC को शामिल करने और सभी संबंधित संवैधानिक श्रेणियों के लिए राज्यवार सूची उपलब्ध कराने पर जोर रहा।
2027 की जनगणना में जाति की गणना का प्रावधान
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, Census 2027 के दूसरे चरण में जातियों की गणना की जाएगी। गृह मंत्रालय ने फरवरी 2026 में कहा था कि दूसरे चरण के प्रश्न, जिनमें जाति से जुड़े प्रश्न भी शामिल हैं, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतिम रूप देकर अधिसूचित किए जाएंगे।
जनगणना-2027 के दूसरे चरण के लिए जनसंख्या गणना की प्रश्नावली का आधिकारिक रिकॉर्ड 14 अगस्त 2026 को जारी किया गया है।
ऐसे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक संगठनों की ओर से प्रश्न संख्या 10 में BC को शामिल करने और SC, ST तथा BC के लिए राज्यवार ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग सामने रखी गई।
जाति जनगणना पर आगे की रणनीति
जाति आधारित जनगणना को लेकर 17 सितंबर को नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में सामाजिक संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वक्ताओं ने 2027 की जनगणना में SC और ST के साथ BC को शामिल करने तथा तीनों श्रेणियों के लिए राज्यवार ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की। आयोजकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ 19 सितंबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का भी आह्वान किया। (Expose India)
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