CRPF DG GP Singh ने अलंकरण समारोह में जवानों का बढ़ाया मनोबल, कहा- देशहित में लिए गए ईमानदार फैसलों की जिम्मेदारी मैं लूंगा।

नई दिल्ली/अमर भारती। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक CRPF DG GP Singh ने केंद्रीय बल के अलंकरण समारोह के दौरान जवानों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। CRPF DG GP Singh ने कहा कि देशहित, जनहित और फोर्स के हित में काम करने वाले जवानों को किसी भी प्रकार के भय या दबाव में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जवान अपने कर्तव्यों का निडर होकर निर्वहन करें और जहां भी नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने की आवश्यकता होगी, वह स्वयं उसे स्वीकार करेंगे।
CRPF DG GP Singh ने बढ़ाया जवानों का हौसला
अपने संबोधन में CRPF DG GP Singh ने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सीआरपीएफ देश की सुरक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक है। उन्होंने कहा कि चाहे ऑपरेशनल बटालियन हों या कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली यूनिट्स, सभी कर्मियों को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि ड्यूटी के दौरान नियमों और कानून के दायरे में रहकर लिए गए सभी निर्णयों की पूरी जिम्मेदारी नेतृत्व की होगी।
जानिए CRPF DG GP Singh ने क्या कहा?
CRPF DG GP Singh ने कहा, “मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि देशहित, जनहित और फोर्स के हित में जो भी निर्णय आप ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाते हुए लेंगे, उनकी जिम्मेदारी मैं महानिदेशक के रूप में स्वीकार करता हूं।” उन्होंने जवानों से कहा कि वे बिना किसी डर के अपने कर्तव्यों का पालन करें और किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में आत्मविश्वास बनाए रखें।
हाल के दिनों में CRPF DG GP Singh का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा चल रही है। नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान आरएएफ जवानों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई की आलोचना की थी, जबकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना था कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करना जवानों की कर्तव्य: CRPF DG GP Singh
पैलेट गन विवाद के बीच CRPF DG GP Singh ने अप्रत्यक्ष रूप से अपने जवानों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि किसी जवान ने निर्धारित नियमों और अपने कर्तव्य के तहत कार्रवाई की है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उनका यह बयान जवानों के लिए एक मजबूत संदेश माना जा रहा है, जिससे उन्हें यह भरोसा मिलता है कि नेतृत्व उनके साथ खड़ा है।
घटना के बाद सीआरपीएफ द्वारा किए गए आंतरिक आकलन में भी CRPF DG GP Singh के नेतृत्व में यह पाया गया कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान आरएएफ कर्मियों ने सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया था। रिपोर्ट के अनुसार भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था।
CRPF DG GP Singh के बयान को लेकर विशेषज्ञों ने क्या कहा?
विशेषज्ञों का मानना है कि CRPF DG GP Singh का यह बयान केवल एक प्रशासनिक संदेश नहीं बल्कि नेतृत्व और जवाबदेही का उदाहरण भी है। किसी भी सुरक्षा बल के लिए यह महत्वपूर्ण होता है कि उसके जवानों को यह विश्वास हो कि नियमों के तहत लिए गए निर्णयों में नेतृत्व उनका साथ देगा। इससे बल का मनोबल मजबूत होता है और कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ती है।
भारत में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में सीआरपीएफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। CRPF DG GP Singh के नेतृत्व में बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाने, पूर्वोत्तर में उग्रवाद से निपटने और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी जिम्मेदारियां निभा रहा है। रैपिड एक्शन फोर्स भी इसी बल का हिस्सा है, जिसे दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और नागरिक अशांति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
अंततः CRPF DG GP Singh का यह संदेश जवानों के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि यदि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्पक्षता और नियमों के अनुरूप करते हैं तो नेतृत्व उनकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। सुरक्षा बलों में नेतृत्व का यह भरोसा और समर्थन न केवल जवानों का मनोबल बढ़ाता है बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाता है।
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