CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव सिल्वर मेडल जीतकर चमकीं, 199 किलो वजन उठाकर भारत को दिलाया बड़ा पदक

CWG 2026: गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर दौड़ से बाहर, तेजस शिर्से ने 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में बनाई जगह

CWG 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव सिल्वर मेडल जीतने के बाद
ज्ञानेश्वरी यादव ने 199 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता।

डिजिटल डेस्क, ग्लास्गो। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया और भारत के खाते में एक और पदक जोड़ दिया।

राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया। मुकाबले में उनकी नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह से कड़ी टक्कर देखने को मिली। शानदार प्रदर्शन के दम पर ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर मेडल जीता।

ज्ञानेश्वरी यादव सिल्वर मेडल जीतकर बनीं भारत की बड़ी पदक उम्मीद

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में स्नैच श्रेणी में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो वजन उठाया। दोनों वर्गों में उनके प्रदर्शन को मिलाकर कुल वजन 199 किलोग्राम रहा।

इस प्रदर्शन के साथ ज्ञानेश्वरी यादव ने दूसरा स्थान हासिल किया। उनके प्रदर्शन ने भारत के वेटलिफ्टिंग अभियान को मजबूती दी। प्रतियोगिता के दौरान नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह के साथ उनकी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

वेटलिफ्टिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। इससे पहले रविवार को मीराबाई चानू ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।

भारत को पहला मेडल झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ग में दिलाया। उन्होंने 190 किलोग्राम वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की। इसके बाद वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पदक तालिका में देश की स्थिति को मजबूत किया।

ज्ञानेश्वरी यादव सिल्वर मेडल जीतकर इस शानदार अभियान का एक और अहम हिस्सा बनीं। उनके प्रदर्शन से भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम को बड़ी सफलता मिली है।

जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंता पदक से चूकीं

भारतीय जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंता महिलाओं की वॉल्ट फाइनल स्पर्धा में पदक जीतने से चूक गईं। उन्होंने फाइनल में छठा स्थान हासिल किया। फाइनल मुकाबले के लिए उन्होंने सातवें स्थान पर जगह बनाई थी।

प्रतिष्ठा सामंता ने अपने पहले प्रयास में 12.700 का स्कोर हासिल किया, जबकि दूसरे प्रयास में उन्हें 12.666 अंक मिले। दोनों प्रयासों का औसत स्कोर 12.683 रहा। उनका प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन पदक तालिका के शीर्ष तीन स्थानों में जगह बनाने के लिए यह स्कोर पर्याप्त नहीं रहा।

एथलेटिक्स में भारत की पदक उम्मीदें बढ़ीं

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में एथलेटिक्स स्पर्धाओं की शुरुआत भी हो चुकी है। पुरुषों की लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यनाथन ने फाइनल में जगह बनाकर भारत की पदक उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

मुरली श्रीशंकर ने ग्रुप ए में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर क्वालिफिकेशन स्तर पार किया और फाइनल में जगह बनाई। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है। श्रीशंकर के सामने 2022 में जीते रजत पदक से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

इसी स्पर्धा में भारत के लोकेश सत्यनाथन ने भी फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। उन्होंने 7.77 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ मेडल राउंड में जगह बनाई। लोकेश अपने ग्रुप में चौथे और कुल मिलाकर सातवें स्थान पर रहे।

गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर दौड़ से बाहर

भारत के फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। उन्होंने हीट में 10.39 सेकेंड का समय निकाला और कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहे।

गुरिंदरवीर ने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल किया था, लेकिन कुल परिणाम के आधार पर वह सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके। पंजाब के 25 वर्षीय धावक ने मई में रांची में फेडरेशन कप के दौरान 10.09 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। वह 10.10 सेकेंड से कम समय निकालने वाले पहले भारतीय हैं, लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों में वह अपने इस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके।

तेजस शिर्से ने 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में बनाई जगह

राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तेजस शिर्से ने पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बनाकर नया इतिहास रचा। वह राष्ट्रमंडल खेलों की इस स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।

तेजस शिर्से ने हीट में 13.76 सेकेंड का समय निकाला और छठे स्थान पर रहे। अपनी हीट में वह तीसरे स्थान पर रहे। इस स्पर्धा में प्रत्येक हीट से पहले तीन और अगले दो सबसे तेज धावक फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं।

तेजस शिर्से का इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पिछले महीने लुधियाना में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज नौ में आया था, जहां उन्होंने 13.27 सेकेंड का समय निकाला था। यह समय वर्तमान राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। उनका फाइनल सोमवार रात 2:15 बजे होना है।

पदक अभी और भी आएंगे

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। ज्ञानेश्वरी यादव सिल्वर मेडल जीतकर वेटलिफ्टिंग में भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया है। वहीं मुरली श्रीशंकर, लोकेश सत्यनाथन और तेजस शिर्से के फाइनल में पहुंचने से एथलेटिक्स में भी भारत की नजरें पदक पर हैं। हालांकि गुरिंदरवीर सिंह और प्रतिष्ठा सामंता पदक की दौड़ से बाहर हो गए। (Expose India)

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