
बहराइच। भारत-नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा कस्बे में शुक्रवार को ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर शिकंजा कस दिया। छह जिलों से पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर्स की टीम ने अचानक छापेमारी कर तीन मेडिकल स्टोर संचालकों को गिरफ्तार किया तथा भारी मात्रा में नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाएं बरामद कर सीज कर दीं।
संयुक्त टीम की कार्रवाई से पूरे कस्बे में हड़कंप मच गया। छापेमारी की सूचना मिलते ही कई संदिग्ध मेडिकल स्टोर संचालकों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं और मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन दुकानों के शटर तत्काल गिरा दिए गए।
ड्रग विभाग की टीम ने गिरफ्तार आरोपितों के मेडिकल स्टोरों के साथ उनके घरों पर भी तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और नशे के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं बरामद हुईं। अधिकारियों ने बरामद दवाओं को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है और उनके नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
संयुक्त छापेमारी दल में श्रावस्ती के ड्रग इंस्पेक्टर श्रीकांत गुप्ता, सुल्तानपुर के राजू प्रसाद, अयोध्या के आलोक त्रिवेदी, अंबेडकरनगर के शैलेन्द्र प्रताप सिंह, गोरखपुर के श्रीधेश्वर शुक्ल तथा बाराबंकी की रजिया बानो शामिल रहीं। टीम ने रुपईडीहा थाना क्षेत्र के खुसली गांव निवासी सालिकराम वर्मा, खैरहनिया निवासी रामपाल वर्मा तथा सहाबा निवासी राधेश्याम वर्मा को गिरफ्तार किया।
अधिकारियों के अनुसार सीमा क्षेत्र में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर विशेष अभियान चलाकर यह कार्रवाई की गई। तीनों आरोपितों के खिलाफ ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।