EPFO: PF योगदान के नाम पर कंपनी कर्मचारी की तय सैलरी कम नहीं कर सकती

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों के PF से जुड़े कई अहम सवालों का जवाब FAQs के जरिए दिया है। वहीं, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके चलते 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी EPFO कवरेज के दायरे में आने की बात कही गई है।
EPFO ने सैलरी कटौती को लेकर क्या साफ किया?
EPFO के मुताबिक, कंपनी अपने PF योगदान की भरपाई के लिए कर्मचारी की तय बेसिक सैलरी या वेज में कटौती नहीं कर सकती। अगर किसी कर्मचारी को यह आशंका है कि कंपनी अपने हिस्से का PF योगदान देने के कारण उसकी सैलरी कम कर सकती है, तो EPFO का जवाब स्पष्ट है।
EPF और MP Act, 1952 की धारा 12 के तहत नियोक्ता को PF योगदान का हवाला देकर कर्मचारी की तय सैलरी कम करने से रोका गया है। यानी PF में कंपनी की ओर से किए जाने वाले योगदान के नाम पर कर्मचारी की तय बेसिक सैलरी या वेज घटाने का प्रावधान नहीं है।
क्या 12% से ज्यादा PF योगदान कर सकता है कर्मचारी?
EPFO FAQs के अनुसार, कर्मचारी अपनी इच्छा से 12% की वैधानिक दर से अधिक PF योगदान कर सकता है। इसे Voluntary Provident Fund यानी VPF कहा जाता है। इसका इस्तेमाल कर्मचारी रिटायरमेंट के लिए ज्यादा राशि जमा करने के उद्देश्य से कर सकता है।

हालांकि, कर्मचारी के अतिरिक्त योगदान करने पर कंपनी के लिए उतनी ही अतिरिक्त राशि देना अनिवार्य नहीं है। नियोक्ता अपना योगदान वैधानिक सीमा तक ही सीमित रख सकता है।
वास्तविक बेसिक सैलरी पर PF का विकल्प
स्कीम के पैरा-26(6) के प्रावधानों के तहत कर्मचारी APFC/RPFC से अनुमति लेने के बाद अपनी वास्तविक बेसिक सैलरी पर भी PF कटवा सकता है, अगर उसकी सैलरी तय सीमा से ज्यादा है।
अब ₹15,000 की जगह ₹25,000 हुई वेतन सीमा
EPFO से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा को लेकर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दी है।
इस बदलाव के बाद 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य रूप से EPFO कवरेज के दायरे में आने की बात कही गई है। इससे इन कर्मचारियों को PF के साथ-साथ EPS और EDLI जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा।
PF, पेंशन और बीमा का मिलेगा लाभ
₹25,000 की नई वेतन सीमा के दायरे में आने वाले अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए EPFO कवरेज के तहत प्रोविडेंट फंड, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) का लाभ महत्वपूर्ण होगा। इससे रिटायरमेंट बचत, पेंशन और जीवन बीमा से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा।

कर्मचारियों के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव?
EPFO FAQs में PF योगदान और सैलरी से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया गया है। एक ओर कर्मचारी अपनी इच्छा से 12% से अधिक PF योगदान कर सकता है, वहीं दूसरी ओर नियोक्ता PF योगदान का हवाला देकर तय सैलरी कम नहीं कर सकता।
वहीं, अनिवार्य EPFO कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने से अतिरिक्त कर्मचारियों को PF, EPS और EDLI जैसी योजनाओं के दायरे में लाने की बात कही गई है।
आगे की राह
EPFO वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है। इससे 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारियों के EPFO कवरेज में आने की बात कही गई है। EPFO FAQs के मुताबिक, कंपनी PF योगदान के नाम पर तय सैलरी कम नहीं कर सकती और कर्मचारी 12% से अधिक PF योगदान के लिए VPF का विकल्प चुन सकता है। (Expose India)
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