IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे से लेकर महंगाई तक कई मुद्दों पर हमला

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल में ईमानदार अधिकारियों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है और भारी भ्रष्टाचार के चलते कई अफसर समय से पहले नौकरी छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने मेरठ पुलिस मामला, महंगाई, बेरोजगारी, बंद स्कूलों और सरकारी संपत्तियों को लेकर भी सरकार को घेरा।
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अखिलेश यादव ने साधा निशाना
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार में ईमानदार अधिकारियों को काम नहीं करने दिया जा रहा। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों पर इतना दबाव है कि वे रिटायरमेंट से पहले ही नौकरी छोड़ रहे हैं।
अखिलेश यादव के मुताबिक, सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के कारण कई अफसर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बिना किसी डर के काम करने का माहौल मिलना चाहिए।
दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दिया है। उनके इस्तीफे की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर साझा की है। अखिलेश यादव ने इसी घटनाक्रम को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि ईमानदार अधिकारियों के लिए व्यवस्था में टिकना मुश्किल हो गया है।
मेरठ पुलिस मामले में भी सरकार पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने मेरठ की घटना का भी जिक्र किया। कच्चे कंटेंट के मुताबिक, किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस हिरासत में थर्ड डिग्री टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में एक इंस्पेक्टर को सस्पेंड भी किया जा चुका है।
अखिलेश यादव ने पीड़ितों को सीधे अदालत जाने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी सरकार बनने पर दोनों को पूरा न्याय और मान-सम्मान मिलेगा।
उन्होंने इतनी गंभीर चोटों के बावजूद मेडिकल जांच में देरी किए जाने पर भी सवाल उठाया और इसे बेहद आपत्तिजनक बताया। इस मुद्दे के जरिए उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर निशाना साधा।
‘JPNIC से छतर मंजिल तक सब बेच रही सरकार’
अखिलेश यादव ने सरकारी संपत्तियों को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लखनऊ के JPNIC और ऐतिहासिक छतर मंजिल का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में सरकारी संपत्तियों को बेचने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने JPNIC की पार्किंग और कैफे तक से कमाई के रास्ते तलाशे जाने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार का यह मॉडल आम जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि चुनिंदा बड़े कारोबारियों की जेब भरने के लिए काम कर रहा है।
सरकारी संपत्तियों को लेकर अखिलेश यादव की यह टिप्पणी उनके उस व्यापक आरोप का हिस्सा रही, जिसमें उन्होंने सरकार की आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों पर सवाल उठाए।
खंगार समाज और जाति जनगणना का मुद्दा उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने खंगार समाज के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने जाति जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि आबादी के हिसाब से समाज को रोजगार और पूरा सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने चुनावी मैदान में उतरने पर पार्टी की तरफ से पूरा समर्थन देने का भरोसा भी दिलाया। अखिलेश यादव ने इस दौरान सामाजिक प्रतिनिधित्व और रोजगार से जुड़े मुद्दों को भी सरकार के सामने चुनौती के तौर पर रखा।
महिलाओं को लेकर किया 40 हजार रुपये का वादा
महिलाओं के सम्मान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि पहले उनकी सरकार में महिलाओं को 500 रुपये दिए जाते थे, लेकिन सत्ता में वापसी होने पर यह रकम बढ़ाकर 40 हजार रुपये की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर भी सरकार पर हमला बोला और जनता की आर्थिक परेशानियों का मुद्दा उठाया।
26 हजार बंद स्कूलों को फिर शुरू करने का दावा
अखिलेश यादव ने प्रदेश में बंद पड़े 26 हजार स्कूलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने पर इन स्कूलों को फिर शुरू किया जाएगा।

भर्तियों को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि जनवरी के बाद आचार संहिता लागू होनी है, ऐसे में एक लाख नौकरियां देने की बात सिर्फ दिखावा है।
उन्होंने रोजगार के मुद्दे को युवाओं से जोड़ते हुए सरकार की घोषणाओं पर सवाल खड़े किए और कहा कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
कानून-व्यवस्था, सड़क और महंगाई पर भी घेरा
अखिलेश यादव ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी माफिया आकर यहां बेधड़क वारदातें कर रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने खस्ताहाल सड़कों और जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन की नाकामी का मुद्दा उठाया। महंगी चीनी और मिलावटी पेट्रोल का जिक्र करते हुए भी उन्होंने सरकार पर हमला बोला।
उनके मुताबिक, जनता महंगाई और बुनियादी समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार के पास इन समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं है।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे से लेकर महंगाई तक कई मुद्दों पर हमला
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर अखिलेश यादव का बयान केवल अधिकारियों के कामकाज तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की कार्यशैली, पुलिस प्रशासन, सरकारी संपत्तियों, रोजगार, शिक्षा, महिलाओं और महंगाई जैसे कई मुद्दे उठाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को स्वतंत्र और बिना दबाव के काम करने का माहौल मिलना चाहिए। वहीं, अपनी सरकार बनने पर उन्होंने अलग-अलग वर्गों के लिए कई वादे भी किए।
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के संदर्भ में अखिलेश यादव का मुख्य आरोप यही रहा कि मौजूदा व्यवस्था में ईमानदार अधिकारियों के लिए काम करना कठिन हो गया है। हालांकि, इस खबर में सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई अलग पक्ष मूल कंटेंट में उपलब्ध नहीं है।
आगे क्या, सियासी बहस में मुद्दों की लंबी फेहरिस्त
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर अखिलेश यादव के बयान के साथ प्रदेश की राजनीति में अधिकारियों के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था पर बहस का मुद्दा सामने आया है। इसी के साथ सपा प्रमुख ने पुलिस व्यवस्था, सरकारी संपत्तियों, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
उनके बयान में एक ओर सरकार की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए गए, तो दूसरी ओर सत्ता में वापसी की स्थिति में महिलाओं, स्कूलों और विभिन्न सामाजिक वर्गों को लेकर घोषणाएं की गईं। (Expose India)
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