JD Vance Pakistan Statement: JD Vance के ‘पाकिस्तान प्रेम’ बयान पर घमासान, अमेरिकी सीनेटरों ने आतंकवाद और बिन लादेन का मुद्दा उठाया

नई दिल्ली/अमर भारती। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते कूटनीतिक प्रयासों के दौरान पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ की भूमिका में पेश कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) का पाकिस्तान को लेकर दिया गया बयान अमेरिका में राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। रिपब्लिकन पार्टी के दो प्रभावशाली सीनेटरों ने वेंस की टिप्पणी की आलोचना करते हुए पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और ओसामा बिन लादेन को शरण देने के आरोपों को फिर से उठाया है।
क्या कहा था JD Vance ने?
स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के दौरान जेडी वेंस ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का जिक्र करते हुए कहा था, “हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं।” उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी जिंदगी में दो बेहद महत्वपूर्ण लोग हैं—एक भारतीय और एक पाकिस्तानी। वेंस ने कहा, “इंडियन मेरी पत्नी हैं और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर हैं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया और अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
रिपब्लिकन सीनेटरों ने जताई नाराजगी
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका को यह समझना चाहिए कि उसके वास्तविक सहयोगी कौन हैं। स्कॉट ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान और कतर का आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि इन देशों को ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव और उसकी गतिविधियों को लेकर अधिक जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका की प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना होना चाहिए।
ओसामा बिन लादेन का मुद्दा फिर उठा
मोंटाना से रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने एक टीवी इंटरव्यू में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुनिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान मारा गया था। शीही ने दावा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर लंबे समय से कई तरह के आरोप लगते रहे हैं और ऐसे इतिहास को देखते हुए पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
UAE, इजरायल और सऊदी अरब को बताया अमेरिका का असली साझेदार
टिम शीही ने कहा कि यदि पाकिस्तान और कतर जैसे देश बातचीत प्रक्रिया में शामिल हैं तो अमेरिका को अपने पारंपरिक क्षेत्रीय सहयोगियों को भी प्रमुखता देनी चाहिए। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इजरायल और सऊदी अरब को मध्य पूर्व में अमेरिका के सबसे भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए इन देशों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठे सवाल
सीनेटरों के बयानों ने एक बार फिर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय भूमिका और उसकी विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। हालांकि पाकिस्तान खुद को क्षेत्रीय शांति और संवाद का समर्थक बताता रहा है, लेकिन उसके अतीत को लेकर उठने वाले सवाल अब भी वैश्विक राजनीति में उसका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे समय में जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर अमेरिका के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।
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