
लखनऊ, 30 सितंबर 2026। राजधानी लखनऊ में इन्फ्लुएंजा-ए H1N1 के दो नए मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोनों मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जिले में अब तक H1N1 के 38 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं और उपचार के बाद सभी स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। वर्तमान में जनपद में 12 एक्टिव केस हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार H1N1 के मरीजों में गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। तेज बुखार के साथ सीने में दर्द, बेहोशी, रक्तचाप कम होना, सांस फूलना, नाखूनों का नीला पड़ना या बलगम में खून आना गंभीर लक्षणों में शामिल हैं।
ऐसे लक्षण वाले मरीजों की रियल टाइम RT-PCR जांच कराई जानी चाहिए। आवश्यकता होने पर मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बुखार, जुकाम, गले में खराश, खांसी या फ्लू जैसे सामान्य लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।
बच्चों के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीएमओ ने बताया कि H1N1 जैसे लक्षण वाले बच्चों में असामान्य उनींदापन या अत्यधिक सुस्ती, लगातार तेज बुखार, भोजन या तरल पदार्थ लेने में असमर्थता, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण गंभीर माने जाते हैं। ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने और आवश्यकता के अनुसार RT-PCR जांच व अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है।
जिन मरीजों को पहले से कोई गंभीर या पुरानी बीमारी है और उनकी स्थिति बिगड़ने लगे, उन्हें भी गंभीर श्रेणी में रखते हुए तत्काल उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सामान्य मरीजों के लिए RT-PCR जरूरी नहीं
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सामान्य फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों को रियल टाइम RT-PCR जांच की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मरीज घर पर पर्याप्त आराम करें, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लें और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों से निकट संपर्क से बचें।
बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और डायबिटीज, रक्त एवं तंत्रिका विकार समेत गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को संक्रमण से बचाने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
संक्रमण से बचाव के लिए करें ये उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मास्क पहनने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकने तथा पर्याप्त तरल पदार्थ लेने की अपील की है। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने की भी सलाह दी गई है।
बुखार और बदन दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने को कहा गया है। हाथ मिलाने और निकट संपर्क वाले अभिवादन से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने तथा डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लेने की सलाह दी गई है। अस्वस्थ होने पर दूसरों के साथ बैठकर भोजन करने से भी बचने को कहा गया है।