
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के इनोवेशन हब फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को यूपी स्टार्टअप संवाद के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने प्रतिभाग करते हुए अपने नवाचार और उत्पादों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में लगाए गए स्टार्टअप एक्सपो में 100 से अधिक स्टार्टअप ने हिस्सा लिया और 30 से अधिक निवेशकों के समक्ष अपने बिजनेस आइडिया एवं उत्पादों की प्रस्तुति दी। चयनित स्टार्टअप्स के प्रति निवेशकों की रुचि देखने को मिली और विभिन्न स्टार्टअप्स में 20 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल शामिल हुईं। उन्होंने स्टार्टअप प्रदर्शनी का एक-एक कर अवलोकन किया और स्टार्टअप संचालकों से उनके उत्पाद, तकनीक और उसके उपयोग के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने स्टार्टअप्स को आवश्यक सुझाव भी दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सुविधाओं का अनावरण और विमोचन किया।
नवाचार को बाजार तक पहुंचाना समय की जरूरत: राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आज आवश्यकता केवल नए विचार पैदा करने की नहीं है, बल्कि उन विचारों को बाजार तक पहुंचाने, प्रोटोटाइप को उत्पाद में बदलने और नवाचार को सफल उद्यम में परिवर्तित करने की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि नवाचार और उद्यमिता जैसी पहलों को भी लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। युवाओं को रोजगार पाने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनने की दिशा में सोच विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नवाचार का दायरा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए। गांवों और छोटे शहरों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि वहां मौजूद प्रतिभाओं को उचित मंच, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराया जाए। विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केवल यह सोचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए कि पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी कहां मिलेगी। इसके बजाय उन्हें समाज की समस्याओं का समाधान खोजने, नए उत्पाद विकसित करने और अधिक से अधिक अवसर एवं रोजगार पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए।

नवाचार और उद्यमिता को गति देने के लिए एकेटीयू उठा रहा कई कदम
एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पाण्डेय ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता को गति देने के लिए एकेटीयू की ओर से लगातार कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कार्यक्रम के दौरान कलाम पेटेंट सेंटर तथा स्टूडेंट, फैकल्टी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी 2026-31 का अनावरण एवं विमोचन किया गया। कुलपति ने विश्वविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट, वन इन्क्युबेशन सेंटर पहल के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों में नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों को गति मिल रही है।
अटल इनोवेशन मिशन के निदेशक डॉ. दीपक बागला ने कहा कि देशभर में 10 लाख से अधिक अटल लैब स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से नवाचार और उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने वाले राज्यों में शामिल हो रहा है। नए भारत के निर्माण में नवाचार और उद्यमिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और युवाओं की रचनात्मक क्षमता को सही दिशा देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
स्टार्टअप एक्सपो में दिखी भविष्य की बड़ी कंपनियों की झलक
कार्यक्रम के दौरान एकेटीयू के 50 से अधिक इन्क्युबेशन सेंटर्स में पंजीकृत स्टार्टअप्स ने अपने उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई। विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे इन स्टार्टअप्स ने एक्सपो में लोगों और निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एग्रीटेक, हेल्थटेक, डीपटेक, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), क्लीनटेक, एडटेक, फिनटेक, डिफेंस और रोबोटिक्स सहित कई क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
स्टार्टअप्स ने अपने उत्पादों की उपयोगिता, तकनीकी क्षमता और बाजार की संभावनाओं के बारे में निवेशकों एवं आगंतुकों को जानकारी दी। एक्सपो के माध्यम से जहां स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच मिला, वहीं निवेशकों को नए और संभावनाशील बिजनेस आइडिया तलाशने का अवसर मिला।
इन्क्युबेटर एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित हुए केंद्र
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय से संबद्ध एवं सहयोगी इन्क्युबेशन सेंटर्स ने अपनी सुविधाओं, स्टार्टअप पोर्टफोलियो, सेवाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले इन्क्युबेशन सेंटर्स को इन्क्युबेटर एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्युबेटर्स को छह अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
वहीं इन्वेस्टर्स-स्टार्टअप कनेक्ट कार्यक्रम के तहत निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच सीधा संवाद कराया गया। इस दौरान निवेशकों ने स्टार्टअप्स के बिजनेस मॉडल, उत्पाद, बाजार और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कई स्टार्टअप्स के साथ निवेश को लेकर भी चर्चा हुई।
कलाम पेटेंट सेंटर का हुआ लोकार्पण
कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बटन दबाकर कलाम पेटेंट सेंटर का लोकार्पण किया। सेंटर के शुरू होने से स्टार्टअप्स, शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपने नवाचार, शोध एवं अनुसंधान से संबंधित पेटेंट कराने में मदद मिलेगी। इसके तहत पेटेंट की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराने की पहल की गई है। विश्वविद्यालय की इस पहल से छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने नवाचारों को बौद्धिक संपदा के रूप में संरक्षित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
एक प्लेटफॉर्म पर आएंगे प्रदेशभर के इन्क्युबेशन सेंटर
विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों के इन्क्युबेशन सेंटर्स को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से इनोवेशन हब की ओर से इनोवेशन हब यूपी पोर्टल लॉन्च किया गया। इस पोर्टल पर प्रदेश के विभिन्न इन्क्युबेशन सेंटर्स की जानकारी उपलब्ध होगी। इसमें संबंधित सेंटर में ऑनबोर्ड स्टार्टअप्स की संख्या, स्टार्टअप्स के लिए आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों और उपलब्ध सुविधाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की जाएंगी।
पोर्टल सूचना के आदान-प्रदान के लिए भी प्रमुख माध्यम के रूप में काम करेगा। इन्क्युबेशन सेंटर्स अपने कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां इस प्लेटफॉर्म पर साझा कर सकेंगे। इससे प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक डिजिटल मंच पर जोड़ने में मदद मिलेगी।
स्टूडेंट इनोवेशन के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान
कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट, फैकल्टी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी 2026-31 का भी विमोचन किया गया। इस नीति के तहत कुल 15 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य छात्रों के आइडिया को प्रोटोटाइप और आगे चलकर स्टार्टअप में बदलने के लिए आर्थिक एवं संस्थागत सहायता उपलब्ध कराना है।
नीति के तहत स्टूडेंट इनोवेशन के लिए एक लाख रुपये, ग्रासरूट इनोवेटर्स के लिए 50 हजार रुपये और स्कूल स्तर के आइडिया के लिए 20 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। इससे शुरुआती स्तर पर नए विचारों को प्रयोग, प्रोटोटाइप और व्यावसायिक रूप देने में युवाओं को मदद मिलने की उम्मीद है।
सामाजिक सरोकार से जुड़े नवाचार को भी मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम में इनोवेशन फॉर सोशल गुड एंड बेटर भारत पहल का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही इन्वेस्ट सीएसआर बॉक्स, सांची कनेक्ट, टैली सॉल्यूशन और रैपिडर क्लाउड सॉल्यूशन के साथ राज्यपाल की उपस्थिति में एमओयू भी किया गया। इसके बाद एकेटीयू इन्क्युबेटर अवार्ड 2026 प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में पैनल डिस्कशन का आयोजन भी किया गया। विशेषज्ञों ने स्टार्टअप्स के साथ संवाद करते हुए नवाचार, निवेश, उद्यमिता, बाजार और तकनीकी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इन सत्रों के माध्यम से स्टार्टअप संचालकों को विशेषज्ञों और निवेशकों से सीधे संवाद का अवसर मिला।
इस अवसर पर महानिदेशक एवं सचिव, प्राविधिक शिक्षा विभाग सेल्वा कुमारी जे, एमडी यूपीएलसी हिमांशु कौशिक, प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, वित्त अधिकारी केशव सिंह, डीबीटी के संजय मिश्रा, इनोवेशन हब के सीईओ महीप सिंह, सीआईओ वंदना शर्मा सहित एआईएफएस, सिड्बी, विभिन्न सरकारी विभागों, उद्योग जगत, एमएसएमई, उद्योग संघों, शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया।