
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले अब मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने लगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर पड़ रहा है और मानसून ट्रफ भी दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसी वजह से प्रदेश में मानसून की सक्रियता पहले की तुलना में कम हुई है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी। मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है और लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आईएमडी के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। इसके अलावा पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई अन्य इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है।
26 जुलाई से प्रदेश में मानसून एक बार फिर होगा सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार 23, 24 और 25 जुलाई के दौरान फिलहाल किसी विशेष मौसम चेतावनी की जरूरत नहीं समझी गई है। इन तीन दिनों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। आईएमडी का अनुमान है कि 26 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है और महीने के अंतिम सप्ताह में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
यह है बारिश के आंकड़े
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 21 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य 275.1 मिमी के मुकाबले 225.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 18 प्रतिशत कम है। सबसे अधिक कमी पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखने को मिली है, जहां अब तक सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है और यहां वर्षा लगभग सामान्य रही है। इस क्षेत्र में केवल 2 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में संभावित बारिश से वर्षा की इस कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।