सरयू नदी खतरे के निशान के करीब: अलर्ट मोड पर प्रशासन, SDM और तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है और खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। इसे देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे जलस्तर में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.780 मीटर मापा गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से मात्र 29 सेंटीमीटर नीचे था। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि देर रात तक नदी खतरे के निशान को छू सकती है।

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित लेखपालों और राजस्व कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और राहत एवं बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखने के लिए भी कहा गया।

उधर, सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। दुर्गापुर, सिसौंडा, लहड़रा, करमुल्लापुर, बेहटा तबस्सेपुर, कुसौरा समेत अन्य बाढ़ संभावित गांवों के लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्क हैं। ग्रामीण समय-समय पर जलस्तर की जानकारी जुटा रहे हैं ताकि किसी भी स्थिति में समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा जा सके।

अलर्ट मोड पर संबंधित विभाग: एसडीएम

एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।