
बिलग्राम। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिलग्राम में एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत राजपूत को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद मांगों का स्थायी समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. शैलेश दीक्षित ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कई कर्मचारी करीब 15 से 18 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों ने लंबे समय से चली आ रही सेवा को देखते हुए नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, डीए, ईपीएफ और एचआरए का लाभ देने की मांग की है। इसके साथ ही गैर जनपद स्थानांतरण की सुविधा, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति, आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन तथा नियमित भर्ती में 25 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी शामिल है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न सेवाओं में जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा अवधि और अनुभव के अनुरूप उन्हें सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
संगठन के मुताबिक, 3 अक्टूबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 5 से 7 अक्टूबर तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 8 से 10 अक्टूबर तक जनपद स्तर पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बावजूद मांगें पूरी नहीं होने पर 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
ज्ञापन लेने के बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत राजपूत ने कर्मचारियों की मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि वर्षों से लंबित मांगों की ओर शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित कर उनका समाधान कराना है।