
नई दिल्ली/अमर भारती। पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष को खत्म कराने के प्रयास में ‘शांतिदूत’ बनने का दावा कर रहा पाकिस्तान इस बार इजरायल की आलोचना का सामना कर रहा है। भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने साफ कहा कि पाकिस्तान भरोसेमंद नहीं है और इस्लामाबाद एक ऐसा देश है जो मुश्किलें खड़ी करने में सक्षम है।
अमेरिका का करीबी इजरायल पाकिस्तान पर भड़का
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान बार-बार मध्यस्थता की पेशकश करता रहा है। अमेरिका ने इसे स्वीकार भी किया है, लेकिन इजरायल ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाए हैं और इसे भरोसे के लायक नहीं बताया है।
इजरायली राजदूत ने क्या कहा?
रूवेन अजार ने मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म कराने में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘मध्यस्थता करने वाला पक्ष ऐसा होना चाहिए जिस पर भरोसा किया जा सके।’ उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान के पास न तो मध्यस्थता करने की क्षमता है और न ही उस पर किसी तरह का भरोसा किया जा सकता है।
अमेरिका को पाकिस्तान से सावधान रहने की नसीहत
अजार ने आगे कहा कि पाकिस्तान का हमेशा से आतंकवाद और कट्टरपंथी ताकतों की ओर झुकाव रहा है। यदि कट्टरपंथियों के समर्थक ही मध्यस्थता करेंगे, तो परिणाम बेहतर नहीं होंगे। उन्होंने अमेरिका को भी चेताया कि पाकिस्तान जैसे देश से सतर्क और सावधान रहना चाहिए।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच अनबन की अफवाहों को खारिज
इजरायली राजदूत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच किसी तरह की अनबन की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच संबंध ठीक हैं। जो लोग उनके बीच दूरी देखने की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें निराश होना पड़ेगा। अजार ने लेबनान संघर्ष को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू के कथित मतभेदों को ‘मैत्रीपूर्ण रणनीतिक मतभेद’ बताते हुए कहा कि इसे लोगों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
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