लखनऊ। शामली में अंकित बालियान हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई और जांच की जानकारी दी। डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ यूपी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और अपराधियों के पूरे नेटवर्क को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
डीजीपी ने बताया कि अंकित बालियान की हत्या के मामले में शामिल दो शूटर मोहित और सुमित पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए थे। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस पर फायरिंग के बाद हुई जवाबी कार्रवाई
डीजीपी के मुताबिक पुलिस और एसटीएफ की टीम जब आरोपियों तक पहुंची तो अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों अपराधियों को गोली लगी।
मौके से आरोपियों के पास से दो पिस्टल और अन्य सामान बरामद किया गया है।
चार हथियारबंद लोगों ने की थी अंकित की हत्या
राजीव कृष्ण ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि चार हथियारबंद लोगों ने अंकित बालियान पर गोलीबारी की थी, जिसमें उसकी मौत हो गई। घटना अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।
मामले की जांच के लिए पुलिस की 11 टीमें लगाई गई थीं। शार्प शूटरों की पहचान के साथ-साथ घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। आरोपियों द्वारा अंकित की रेकी किए जाने और उनके ठहरने तथा भुगतान से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं।
यूपी और हरियाणा में कई स्थानों पर छापेमारी की गई और आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
गोगी गैंग से जुड़ी मिली संलिप्तता
डीजीपी ने कहा कि गिरफ्तार और मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के संबंध गोगी गैंग से पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक गाने और गैंग से जुड़े पोस्ट की भी जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या सुपारी लेकर कराए जाने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि घटना के पीछे की पूरी कड़ी को खंगाला जा रहा है। दो अन्य शूटरों समेत घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
विदेश में बैठे अपराधियों पर भी होगी कार्रवाई
डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट कहा कि यूपी के बाहर बैठकर अपराध की साजिश रचने वाले अपराधी किसी भ्रम में न रहें। उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा और दिल्ली पुलिस का भी इस मामले में समन्वय और सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि यूपी को किसी भी गैंग के लिए शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा।
डीजीपी के मुताबिक कुछ अपराधी जेल में रहकर या विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। गोगी गैंग की कमान दूसरे लोगों द्वारा संभाले जाने की जानकारी भी सामने आई है। कनाडा में बैठे एक आरोपी का नाम जांच में सामने आया है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
हथियार उपलब्ध कराने वालों पर भी कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को हथियार और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वालों को भी नहीं छोड़ा जाएगा। इस पूरे नेटवर्क को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
शामली हत्याकांड में कार्रवाई करने वाली एसटीएफ और अन्य टीमों के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है।
लखनऊ हत्याकांड की जांच जारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी ने लखनऊ में हुई हत्या की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मामले में हत्यारों को पकड़ा गया है और घटना के पीछे शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।
नेपाल बॉर्डर पर भी इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई
सोना तस्करी से जुड़े सवाल पर डीजीपी ने कहा कि नेपाल सीमा खुली सीमा होने के कारण यहां विशेष सतर्कता की जरूरत रहती है। सीमा पर चेकिंग की जाती है और जहां भी आपराधिक नेटवर्क की जानकारी मिलती है, वहां इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन चलाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि तस्करी और अपराध से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है और उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि अपराधी यह सोचकर न रहें कि अपराध करने के बाद छिप जाएंगे। पुलिस उनके नेटवर्क तक पहुंचेगी और अपराध से जुड़े हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।