किताबों से आगे बढ़कर ‘शक्ति’ की पाठशाला: यूपी के स्कूलों में नारी सशक्तीकरण का विशेष अभियान


लखनऊ, 13 अप्रैल। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने नारी सशक्तीकरण को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के स्कूलों को ही ‘नारी शक्ति’ के निर्माण का केंद्र बनाया जाएगा। इसी उद्देश्य से 16 से 20 अप्रैल तक पूरे राज्य में ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ चलाया जाएगा, जिसके तहत परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस अभियान का लक्ष्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि छात्राएं शुरुआती स्तर से ही आत्मनिर्भर और जागरूक बनें।
अभियान की शुरुआत 16 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन दिवस’ के रूप में होगी। इस दिन 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाली बालिकाओं के अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही विद्यालय परिसरों में बालिकाएं और महिला शिक्षक मिलकर ‘नारी शक्ति मानव श्रृंखला’ बनाएंगी और विकासखंड स्तर पर महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
17 अप्रैल को छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस दिन योगाभ्यास, खेलकूद प्रतियोगिताएं, अनुशासन आधारित गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। एनसीसी एवं स्काउट-गाइड की छात्राएं ड्रिल के माध्यम से अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करेंगी। इसके साथ ही रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के अंतिम चरण में 20 अप्रैल को छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच दिया जाएगा। इस दिन निबंध, कविता, पोस्टर मेकिंग, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्धि भारत’ और ‘विकसित भारत में नारी की भूमिका’ जैसे विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता भी होगी।
सरकार ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि इन कार्यक्रमों का प्रभावी और व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इस अभियान के जरिए न केवल छात्राओं की प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त नागरिक बनाने की दिशा में एक ठोस पहल की जा रही है।