अब शादी भी होगी शाही किलों में: यूपी सरकार ने पर्यटन को बनाया नया ‘इमोशनल डेस्टिनेशन’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार अब पर्यटन को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे भावनाओं, संस्कृति और पारिवारिक आयोजनों से जोड़कर नई पहचान देने की तैयारी में है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने “विजिट माय स्टेट” अभियान शुरू करने और ऐतिहासिक किलों, हेरिटेज भवनों व ईको टूरिज्म साइट्स को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में विकसित करने की बड़ी योजना बनाई है।मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर पर्यटन निदेशालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को “आपदा में अवसर” के रूप में देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल केवल दर्शनीय स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव के केंद्र बनेंगे।सरकार की योजना है कि वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे शहरों के लिए विशेष और अनुभवपरक टूर पैकेज तैयार किए जाएं। इसके लिए टूर ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही अगले दो महीनों तक प्रदेश के संग्रहालयों में पर्यटकों को मुफ्त प्रवेश देने का निर्णय भी लिया गया है।बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि प्रदेश के प्राचीन किले, सांस्कृतिक परिसर और ईको साइट्स डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बेहद उपयुक्त हैं। मंत्री ने मिर्जापुर स्थित Chunar Fort और राजधानी लखनऊ की Chhatar Manzil को जल्द विकसित करने के निर्देश दिए। सरकार चाहती है कि लोग विदेशों या दूसरे राज्यों की बजाय उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों को शादी और बड़े आयोजनों के लिए चुनें।पर्यटन मंत्री ने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राही पर्यटक आवासों में 25 प्रतिशत तक की छूट देने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए नई रणनीति पर काम किया जा रहा है। गोशालाओं, प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए आध्यात्मिक और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।बैठक में प्रशासनिक खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को सरकारी वाहनों का कम उपयोग करने और अधिकतम वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव पर्यटन Amrit Abhijat ने कहा कि इससे समय, संसाधन और सरकारी खर्च तीनों की बचत होगी।बैठक में Vedpati Mishra, Pushp Kumar और यूपीएसटीडीसी के एमडी आशीष कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।