Vaibhav Suryavanshi: आयरलैंड-इंग्लैंड की कड़वी यादें भुलाकर जिम्बाब्वे में छाया 15 साल का ‘सूर्यवंश’, बने Player of the Series

Vaibhav Suryavanshi ने Zimbabwe के खिलाफ T20I Series में 151 रन बनाकर Player of the Series का अवॉर्ड जीता। 15 साल के वैभव ने 9 छक्के और 15 चौके लगाए।

जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 सीरीज में Player of the Series बने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी
जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को Player of the Series चुना गया।

नई दिल्ली/अमर भारती। आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे की कड़वी यादों को पीछे छोड़ते हुए टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे में शानदार प्रदर्शन किया है। भारत ने तीन मैचों की T20 सीरीज में जिम्बाब्वे को क्लीन स्वीप कर दिया। इस सीरीज में भारतीय टीम की जीत के सबसे बड़े नायक रहे 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। वैभव सूर्यवंशी ने पूरी सीरीज में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से जमकर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने तीन मैचों में 50.33 की शानदार औसत और 196.10 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से कुल 151 रन बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें Player of the Series चुना गया।

‘सपना सच होने जैसा पल’- वैभव सूर्यवंशी

Player of the Series का अवॉर्ड जीतने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने इसे अपने करियर का बेहद खास पल बताया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। वैभव ने कहा, “यह सपना सच होने जैसा पल है। अपना पहला Man of the Match और Man of the Series अवॉर्ड पाकर मैं बहुत खुश हूं। हरारे पहुंचने के बाद दो या तीन दिनों तक हमारी तैयारी बहुत अच्छी रही। मैंने यहां Under-19 World Cup भी खेला था, इसलिए मुझे इस जगह पर खेलने में बहुत मजा आता है।” युवा बल्लेबाज ने अपनी सफलता का श्रेय कप्तान, कोच और टीम के बाकी सदस्यों को भी दिया। उन्होंने कहा, “सभी ने मेरा साथ दिया- कप्तान, कोच और सभी लोग। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।”

‘टी20 में जैसा खेलता हूं, वैसा ही खेला’

वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उसी अंदाज में बल्लेबाजी की, जिस तरह वह T20 क्रिकेट में खेलते हैं। उनका लक्ष्य हर मैच में टीम को तेज और मजबूत शुरुआत देना था। उन्होंने कहा, “मेरा खेल वैसा ही है जैसा मैं T20 क्रिकेट में खेलता हूं। मैं बस टीम के लिए वही करने की कोशिश कर रहा था। तीनों मैचों में मैंने टीम को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की। अगर मुझे अच्छी शुरुआत मिलती, तो मैं पारी को और बड़ा बनाना चाहता था। यही मेरा एकमात्र तरीका था।” वैभव ने अपनी बल्लेबाजी में Practice Sessions की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वह अभ्यास के दौरान जो कुछ करते हैं, उसे मैच में दोहराने की कोशिश करते हैं।

9 छक्के, 15 चौके और 151 रन

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की T20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने सीरीज में कुल 9 छक्के लगाए, जो किसी भी बल्लेबाज से ज्यादा रहे। इसके अलावा वैभव के बल्ले से 15 चौके भी निकले। चौके लगाने के मामले में वह सीरीज के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे। तीन मैचों में 151 रन बनाकर वह सीरीज के Top Run Scorer भी बने। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बेहद आक्रामक रहा और 196.10 का स्ट्राइक रेट इस बात का सबूत है कि उन्होंने पावरप्ले और बीच के ओवरों में गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

तीसरे T20 में शतक से चूके

सीरीज के तीसरे और आखिरी T20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार 81 रनों की पारी खेली। हालांकि वह शतक पूरा करने से चूक गए, लेकिन उनकी इस पारी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। पूरी सीरीज में वैभव ने जिस निरंतरता और आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की, उसने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा मिल चुका है।

15 साल की उम्र में Player of the Series का अवॉर्ड जीतना वैभव सूर्यवंशी के लिए बड़ी उपलब्धि है। जिम्बाब्वे दौरे पर उनके प्रदर्शन ने न केवल भारत को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत को भी बेहद खास बना दिया है।

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