वैभव टीम के साथ लेंगे न्यूज़ीलैंड की पिचों का अनुभव – कप्तान श्रेयस अय्यर

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। कभी-कभी अनुभव के सामने टैलेंट अपनी बारी का इंतज़ार करता है। यही हो रहा है टीम इंडिया के जूनियर हीरो और सनसनी वैभव सूर्यवंशी के साथ। वैभव ने जिस तरह से खुद को तैयार किया है वह काबिल-ए-तारीफ है और हर कोई इस हीरो को खेलते देखना चाहता है हालांकि अभी सीनीयर टीम में जगह मिलने के बावजूद ऐसा कोई मौका वैभव को नहीं मिल पा रहा जिससे वह अपना हुनर दिखा सकें।
क्रिकेट फैंस को और वैभव को खुद भी अपनी बारी का इंतज़ार है लेकिन जिस तरह से अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन परफॉर्म कर रहे हैं, उस लिहाज़ से अभी वैभव को थोड़ा और इंतज़ार करना पड़ सकता है। अब यदि टीम इंडिया अपने मैचों न्यूज़ीलैंड से बढ़त बना ले तो एक मैच में वैभव को मौका दिया जाना चाहिए। शायद यही बात खुद कप्तान श्रेयस अय्यर, कोच और भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के मन में भी होगी।
फिलहाल तो 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी अपनी तूफानी बल्लेबाज़ी से अपनी एक अलग पहचान बना ही चुके हैं।
वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया में एंट्री पर क्या बोले श्रेयस अय्यर?
श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम की सोच स्पष्ट करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में अपनी प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी को ड्रेसिंग रूम में खुश रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, वैभव अभी काफी युवा हैं और उनके पास आगे मौके हासिल करने के लिए काफी समय हैं।ट

अय्यर ने कहा कि वैभव को सीधे प्लेइंग-11 में शामिल करना फिलहाल आसान नहीं है, क्योंकि टीम के ओपनर लगातार रन बना रहे हैं और उन्होंने वर्ल्ड कप भी जीता है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि टीम में जगह देने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि मौजूदा खिलाड़ियों का प्रदर्शन और टीम संयोजन भी महत्वपूर्ण है।
अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की फॉर्म बनी चुनौती
वैभव सूर्यवंशी के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती शीर्ष क्रम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों का प्रदर्शन है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने लगातार अच्छा खेल दिखाया है। दिए गए समाचार के मुताबिक, दोनों ने भारत को टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

ऐसे में दोनों में से किसी खिलाड़ी को बाहर बैठाकर वैभव को मौका देना टीम के लिए आसान फैसला नहीं होगा। वैभव को इस साल इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया था। अब तक वह भारत के 21 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में से आठ में खेल चुके हैं।
एशियन गेम्स में संजू सैमसन ने बदला था बल्लेबाजी क्रम
एशियन गेम्स के दौरान वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग का मौका देने के लिए संजू सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। यह उदाहरण दिखाता है कि टीम संयोजन में जरूरत के मुताबिक बदलाव किए जा सकते हैं।
हालांकि, मौजूदा स्थिति में अभिषेक और संजू की फॉर्म को देखते हुए वैभव की नियमित एंट्री पर फैसला आसान नहीं होगा। श्रेयस अय्यर के बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि युवा बल्लेबाज को टीम के माहौल में बनाए रखना और उसे आगे के लिए तैयार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों का अनुभव वैभव के काम आएगा
श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलने के अनुभव को भी अहम बताया। उनके मुताबिक, विदेशी पिचों और वहां के हालात को समझने से वैभव को भविष्य के दौरों में मदद मिल सकती है।
अय्यर का मानना है कि इन परिस्थितियों में खेलने के बाद वैभव अगली बार बेहतर तैयारी के साथ उतर सकेंगे। वह अपने अनुभव के आधार पर उन खिलाड़ियों को भी सलाह दे पाएंगे, जो पहली बार ऐसी परिस्थितियों में खेलने पहुंचेंगे।
इस लिहाज से न्यूजीलैंड दौरा वैभव के लिए केवल प्लेइंग-11 में जगह पाने तक सीमित नहीं है। वहां का अनुभव उनके भविष्य के अंतरराष्ट्रीय करियर की तैयारी का हिस्सा बन सकता है।

टीम इंडिया की परफॉर्मेंस तय करेगी वैभव की एंट्री
वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में आक्रामक बल्लेबाजी से अपनी पहचान बनाई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम संयोजन और मौजूदा खिलाड़ियों की फॉर्म भी चयन को प्रभावित करती है। श्रेयस अय्यर ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के प्रदर्शन का हवाला देते हुए तत्काल एंट्री को मुश्किल बताया है, जबकि वैभव के अनुभव और भविष्य की तैयारी को भी अहम माना है।
फिलहाल, न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में वैभव को खेलने का मौका मिलेगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। इतना जरूर है कि टीम के साथ मिलने वाला अनुभव उनके आगे के सफर में उपयोगी हो सकता है। यदि टीम इंडिया पांच मैचों की सीरीज में चार एक से बढ़ हासिल कर ले तो अगले मैच में वैभव को मौका जरूर दिया जाना चाहिए।
फिलहाल क्रिकेट और वैभव दोनों के फैंस को उस पल का इंतजार है कि वैभव की धुंआधार पारी देखने को मिले। (Expose India)
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