SCO बैठक: राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर दोहरे मापदंड पर उठाए सवाल

SCO बैठक: आतंकियों को मदद देने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी

SCO बैठक में राजनाथ सिंह आतंकवाद के खिलाफ साझा कार्रवाई पर जोर देते हुए
दुशांबे में SCO बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की जरूरत बताई।

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में केवल हमलावरों पर कार्रवाई काफी नहीं, बल्कि उन्हें पैसा देने और सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराने वाले नेटवर्क पर भी शिकंजा कसना जरूरी है। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में SCO की बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ साझा कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को भी अहम बताया।

आतंकवाद पर राजनाथ सिंह का स्पष्ट संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे राजनाथ सिंह SCO की 25वीं शासनाध्यक्ष परिषद बैठक में शामिल हुए। बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

आतंकवाद पर अपने संदेश में राजनाथ सिंह ने साफ किया कि इसे किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवादी गतिविधियों में निर्दोष लोगों की जान जाती है, कारोबार और निवेश प्रभावित होते हैं और समाज में कट्टरता बढ़ने का खतरा पैदा होता है। इसका असर युवाओं के अवसरों पर भी पड़ता है।

रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को मिलकर खत्म करने पर जोर दिया। उनके संदेश का केंद्र यह था कि आतंकियों के साथ-साथ उन्हें आर्थिक मदद देने, समर्थन करने या सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है।

आतंकियों को मदद देने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी

राजनाथ सिंह ने आतंकवाद से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग को अहम बताया। आतंकवाद का मुकाबला केवल किसी घटना के बाद जवाब देने तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए उन नेटवर्क पर भी ध्यान देना होगा, जो आतंकवादी गतिविधियों को संसाधन या सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराते हैं।

दुशांबे की बैठक में आतंकवाद को शांति और विकास से जुड़ी चुनौती के रूप में पेश किया गया। हिंसा और अस्थिरता का असर लोगों की सुरक्षा के साथ आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। ऐसे में सदस्य देशों के बीच साझा प्रयासों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है।

राजनाथ सिंह के संदेश में यह भी स्पष्ट था कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह के दोहरे मानदंड नहीं होने चाहिए। हालांकि, मूल सामग्री में किसी विशेष देश या संगठन का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया गया है।

सप्लाई चेन, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर चिंता

बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संघर्षों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही हैं। इससे देशों के सामने आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियां बढ़ती हैं।

उन्होंने नई तकनीक से अर्थव्यवस्थाओं में हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया। तकनीकी विकास नए अवसर पैदा कर रहा है, लेकिन इसके साथ कुछ नई समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे भी इसी व्यापक आर्थिक और रणनीतिक परिदृश्य का हिस्सा हैं।

राजनाथ सिंह के मुताबिक, SCO की सफलता इस बात से तय होगी कि सदस्य देश साझा चुनौतियों पर कितनी सहमति बना पाते हैं और उनके समाधान के लिए मिलकर कितना काम करते हैं। इस लिहाज से बैठक का एजेंडा सुरक्षा से आगे बढ़कर आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता तक फैला हुआ है।

ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात

दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण और क्षमता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की।

उन्होंने ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा से भी मुलाकात की। इस बातचीत में दोनों देशों के पुराने सभ्यतागत संबंधों और लोगों के बीच संपर्क को रेखांकित किया गया।

इन मुलाकातों में रक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने से जुड़े विषय प्रमुख रहे। SCO बैठक के दौरान हुई चर्चाओं के साथ इन बैठकों ने भारत और ताजिकिस्तान के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।

SCO बैठक में राजनाथ सिंह आतंकवाद के खिलाफ साझा कार्रवाई पर जोर देते हुए
दुशांबे में SCO बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की जरूरत बताई।

SCO में सुरक्षा के साथ आर्थिक सहयोग भी अहम

SCO में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशिया के देश शामिल हैं। यह मंच सुरक्षा संबंधी मुद्दों के साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सहयोग पर बातचीत का अवसर भी देता है।

आतंकवाद से मुकाबला और वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियां ऐसे विषय हैं, जिन पर सदस्य देशों के बीच सहमति बनाना महत्वपूर्ण होगा। अलग-अलग देशों की प्राथमिकताओं के बीच साझा समाधान निकालना आसान नहीं है, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहयोग जरूरी माना जाता है।

दुशांबे की बैठक में राजनाथ सिंह का संदेश था कि शांति, सुरक्षा और विकास को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। आतंकवाद के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के साथ आर्थिक और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों पर भी मिलकर काम करना होगा।

राजनाथ सिंह के संदेश में क्या रहा खास?

SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई और आतंकियों को समर्थन देने वाले नेटवर्क पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने वैश्विक सप्लाई चेन, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उनका संदेश साफ था कि क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए सदस्य देशों के बीच सुरक्षा और आर्थिक सहयोग, दोनों को मजबूत करना जरूरी है। (Expose India)

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