War: थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर तनाव की की स्थिति बॉर्डर पर बंकर और हथियार दिख रहे है कूटनीति के रास्ते बंद, युद्ध की दस्तक सामने दिख रही है भारत के पड़ोस में एक और युद्ध छिड़ चुका है
War: भारत के पड़ोसी देश आमने-सामने
थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर भड़का जबरदस्त विवाद इस संघर्ष की वजह है सिर्फ एक सीमा विवाद है या इसके पीछे कुछ और भारत के पड़ोस में एशिया के दो देशों — थाईलैंड और कंबोडिया के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। दोनों देशों की सेनाएं प्रसात ता मुएन थॉम बॉर्डर पर आमने-सामने आ चुकी हैं, जहां जोरदार गोलीबारी हुई है।
यह इलाका थाईलैंड के सुरिन प्रांत में आता है, लेकिन कंबोडिया भी इस पर अपना दावा करता है। इसी विवादित जमीन को लेकर गुरुवार को दोनों सेनाओं के बीच हथियारों की झड़प हो गई, जिसमें दो सैनिक घायल हुए हैं।
झड़प तब शुरू हुई जब थाई सेना की चौकी के पास एक ड्रोन नजर आया और उसके साथ पहुंचे छह सशस्त्र कंबोडियाई सैनिकों ने फायरिंग शुरू कर दी। थाई सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की, और इसी के साथ सीमा पर तनाव और बढ़ गया।
इसके बाद थाईलैंड ने कंबोडियाई राजदूत को निष्कासित कर दिया, जबकि कंबोडिया ने भी कड़ा जवाब देते हुए अपने राजनयिकों को बैंकॉक से वापस बुला लिया।
यह विवाद नया नहीं है। मई के अंत में भी इसी इलाके में फायरिंग हुई थी, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी। इसके बाद से दोनों देशों ने बॉर्डर पर सैन्य तैनाती बढ़ा दी थी। जानकारों के मुताबिक, प्रसात ता मुएन थॉम एक प्राचीन मंदिर क्षेत्र है, जिसकी रणनीतिक और सांस्कृतिक अहमियत बहुत ज्यादा है।
इससे पहले भी 2008-2011 के बीच इसी तरह का संघर्ष दोनों देशों के बीच हो चुका है। अगर कूटनीतिक हल नहीं निकला, तो ये टकराव युद्ध में बदल सकता है
भारत के लिए चिंता की बात यह है कि उसके दक्षिण-पूर्वी एशियाई पड़ोसी लगातार अस्थिर हो रहे हैं — म्यांमार में गृहयुद्ध जारी है और अब थाईलैंड-कंबोडिया के बीच गोलीबारी। यह क्षेत्रीय शांति और व्यापार दोनों के लिए खतरे की घंटी है।
कूटनीति की मेज पर बैठेगी ये जंग या बॉर्डर पर बारूद ही बोलेगा ये तो समय तय करेगा .
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