
चन्दौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी के लिए जयपुर ले जा रहे दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर की गई।
जानकारी के अनुसार सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस (12987 अप) से पांच नाबालिग बच्चों को राजस्थान के जयपुर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान टीम को बच्चों के साथ मौजूद दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में मामला बाल तस्करी और बाल मजदूरी से जुड़ा पाया गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान छोटू मांझी निवासी गया (बिहार) तथा अंगद कुमार निवासी पलामू (झारखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि तीन नाबालिग बच्चों को जयपुर की एक टाइल्स कंपनी में 12 घंटे काम कराने के बदले 15 हजार रुपये प्रतिमाह का लालच दिया गया था, जबकि दो अन्य बच्चों को जेसीबी मशीन पर हेल्पर के रूप में 9 हजार रुपये प्रतिमाह पर भेजा जा रहा था।
बताया गया कि बच्चों और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर टिकट व खाने-पीने का खर्च देकर बाहर काम दिलाने के नाम पर ले जाया जा रहा था। संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर BNSS की धारा 105 के तहत कार्रवाई करते हुए मुगलसराय कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
वहीं सभी पांचों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत बाल तस्करी और बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।