5 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्ट से रसोई तक असर

नई दिल्ली: आमदनी अठन्नी खर्चा रूपैया जैसे हालात होते नज़र आ रहे हैं. बढ़ते तेल और गैस के दामों ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है. पिछले दो महीनों की बात करें तो इस दौरान ईंधन की कीमतों में कई चरणों में इज़ाफा हुआ है. खासतौर पर मई 2026 में तेल कंपनियों द्वारा लगातार दो बार बढ़ोत्तरी ने महंगाई की डबल डोज दिया है. इसका असर अब घरेलू बजट पर भी पड़ता दिख रहा है.

राजधानी दिल्ली में 15 मई से पहले पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर थी, जो पहली बढ़ोतरी के बाद ₹97.77 और दूसरी बढ़ोतरी के बाद ₹98.64 प्रति लीटर पहुंच गई। वहीं डीजल ₹87.67 से बढ़कर पहले ₹90.67 और फिर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया।

गौरतलब है कि तेल कंपनियों ने 15 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद 19 मई को फिर लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई। इस तरह केवल पांच दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब ₹3.90 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।

मार्च 2026 में भी प्रीमियम पेट्रोल ब्रांड्स जैसे स्पीड और पावर के दामों में करीब ₹2.09 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि उस समय यह बढ़ोतरी केवल प्रीमियम फ्यूल श्रेणी तक सीमित रही, लेकिन इसके संकेत पहले ही मिल चुके थे कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का असर जल्द आम ईंधन दरों पर भी दिखाई देगा।

ईंधन महंगा होने का असर अब परिवहन, फल-सब्जियों, दूध, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखने लगा है। ऑटो और टैक्सी चालकों ने किराया बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जबकि माल ढुलाई महंगी होने से बाजार में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष ने भी लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। फिलहाल आम जनता को राहत मिलने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।