
बहराइच। महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एवं मिलान संस्था के संयुक्त प्रयास से गुरुवार को विकास भवन सभागार में एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत किशोरी जीवन कौशल एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले की किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से सशक्त बनाना है।
यह पहल भारत सरकार के आकांक्षात्मक जिला कार्यक्रम के तहत चिन्हित जिलों में संचालित की जा रही है, जिसमें बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर शामिल हैं। कार्यक्रम के माध्यम से 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों की नियमित सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे शिक्षा से जुड़ी रहें, अपने स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक हों और जीवन कौशल के साथ नेतृत्व क्षमता का विकास कर सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने कहा कि किशोरियों में निवेश समाज के सतत विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि जब लड़कियां शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है, जिससे मानव विकास सूचकांकों में भी सुधार होता है।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। गांवों में किशोरियों के छोटे-छोटे सुरक्षित समूह बनाए जाएंगे, जहां उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और मिशन शक्ति जैसे विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य नई व्यवस्था बनाने के बजाय मौजूदा व्यवस्था को सशक्त करना है, ताकि यह पहल दीर्घकाल तक प्रभावी बनी रहे।
कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत किशोरियों की शिक्षा में निरंतरता, स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता, जीवन कौशल विकास, बाल विवाह की रोकथाम और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से पात्र किशोरियों को जोड़ने पर भी जोर दिया।
मिलान संस्था की कंट्री डायरेक्टर स्वाहा साहू ने बताया कि संस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना, क्षमता निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है। वहीं एसोसिएट डायरेक्टर जावेद अब्बास ने कार्यक्रम की रणनीति और जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, आईसीडीएस कर्मी, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग, मिशन शक्ति तथा मिलान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।