दिल्ली की गलियों में बजेगा यूपी का सुर, दिल्ली हाट में सजेगा उत्तर प्रदेश का रंगोत्सव

लखनऊ, यूपी दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा 24 जनवरी 2026 की शाम 05:30 बजे से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तर प्रदेशवासी, 18 से 20 देशों के राजनयिक, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश के विशिष्टजन शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और गौरवशाली इतिहास को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यूपी दिवस-2026 के अवसर पर दिल्ली हाट को “विकसित उत्तर प्रदेश” की थीम पर सजाया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश की विविध नृत्य शैलियों, लोक परंपराओं और पारंपरिक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प और विभिन्न अंचलों के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही जिन देशों में उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं, उन 18-20 देशों के भारत में पदस्थापित राजनयिक प्रतिनिधियों को भी इस विशेष आयोजन में आमंत्रित किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक संवाद को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी दिवस-2026 को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने विदेशों में भी यूपी दिवस को उत्सव के रूप में मनाने की पहल की है। इसी क्रम में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम, सेशेल्स सहित लगभग 12 देशों में पदस्थ भारतीय राजनयिकों को पत्र भेजकर वहां यूपी दिवस के आयोजन का आग्रह किया गया है।
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपी दिवस मनाने का उद्देश्य विदेशों में बसे प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों में अपने प्रदेश के प्रति गर्व, आत्मसम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को और अधिक मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि यह पहल ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ लखनऊ को यूनेस्को के ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ नेटवर्क के तहत मिली पहचान के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को विश्व पटल पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।