‘शाही टुकड़े’ से शुरू होगी दोस्ती, गंगा आरती पर गहराएंगे जापान-यूपी के रिश्ते


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार अगले महीने जापान के यामानाशी प्रांत से आने वाले करीब 200 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत को सिर्फ औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि संस्कृति, खान-पान और लोक परंपराओं के उत्सव में बदलने की तैयारी कर रही है। 18 से 23 अगस्त, 2026 तक प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए यामानाशी प्रांत का अग्रिम दल बुधवार को राजधानी लखनऊ पहुंचा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ विस्तृत बैठक की।


बैठक में तय किया गया कि प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश की पहचान केवल ऐतिहासिक स्मारकों तक सीमित न रखकर लोकजीवन, पारंपरिक व्यंजन, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत अनुभव कराया जाएगा। यात्रा का प्रमुख केंद्र वाराणसी रहेगा, जहां विदेशी मेहमान गंगा आरती, गंगा क्रूज, स्थानीय व्यंजनों और विशेष सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेंगे। वहीं आगरा में उनका स्वागत ब्रज की पारंपरिक शैली में किया जाएगा, ताकि ताजमहल के साथ क्षेत्रीय संस्कृति और अतिथि सत्कार की झलक भी उन्हें मिल सके।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं। पर्यटन इन रिश्तों को और मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य की कोशिश सिर्फ दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराने की नहीं, बल्कि यहां की परंपराओं, संस्कृति और मेहमाननवाजी से जापानी मेहमानों को जोड़ने की है। ऐसे अनुभव लेकर लौटने वाले पर्यटक दुनिया भर में उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक दूत बनते हैं।
बैठक में दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसमें फिल्म बंधु के सहयोग से जापानी दर्शकों के लिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री तैयार करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और जापानी मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश को पर्यटन गंतव्य के रूप में व्यापक पहचान दिलाने पर सहमति बनी।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने तैयारियों और सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि अगस्त का दौरा दोनों क्षेत्रों के बीच साझेदारी को नई ऊंचाई देगा।
बैठक का समापन पारंपरिक अवधी लंच के साथ हुआ, जिसमें शाही टुकड़ा सहित लखनऊ के प्रसिद्ध व्यंजन परोसे गए। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ की समृद्ध पाक विरासत और यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी के रूप में उसकी वैश्विक पहचान से भी परिचित कराया गया।