
रामसनेहीघाट, बाराबंकी। तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के ग्राम गुलचप्पा में दीवार गिरने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। हादसे में हुजैफा पुत्र मुस्लिम और हाजरा बानो पुत्री मुस्लिम की जान चली गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद शासन की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। राज्य मंत्री सतीश शर्मा ने ग्राम गुलचप्पा पहुंचकर मृतकों के पिता मुस्लिम को मुख्यमंत्री दैवीय आपदा अहैतुक आर्थिक सहायता योजना के तहत कुल 8 लाख रुपये की सहायता राशि सौंपी।
सहायता राशि में मृतक हुजैफा के नाम पर 4 लाख रुपये और मृतका हाजरा बानो के नाम पर 4 लाख रुपये शामिल हैं।
परिवार से मिले राज्य मंत्री
राज्य मंत्री सतीश शर्मा ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। दैवीय आपदा अथवा हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को नियमानुसार तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद अपनों को खोने के दर्द को कम नहीं कर सकती, लेकिन संकट की घड़ी में यह सहायता परिवार के लिए कुछ राहत और सहारा जरूर प्रदान करेगी।
गांव में पसरा मातम
दो बच्चों की असमय मौत से परिवार सदमे में है। परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। हादसे की खबर से गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताया।
राज्य मंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी परिवार को नियमानुसार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान महेश गुप्ता, मथुरा रावत, नायब तहसीलदार सहित पार्टी के पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जर्जर निर्माणों को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद गांव में जर्जर और कमजोर निर्माण को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसे असुरक्षित निर्माणों की समय रहते पहचान और जांच हो तो भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है।