नंदीग्राम उपचुनाव 2026: ममता के समर्थन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ्तार

नंदीग्राम उपचुनाव 2026: समर्थन के कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान गिरफ्तार

नंदीग्राम उपचुनाव में मिलन प्रधान की गिरफ्तारी
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले शुक्रवार को घटनाक्रम तेजी से बदला। ममता बनर्जी खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी पुराने मामले में लंबित कार्रवाई से जुड़ी है।

नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। ममता खेमे की उम्मीदवार के मैदान से हटने और कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने के बाद चुनावी मुकाबले में नया राजनीतिक समीकरण बना है।

ममता खेमे की उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने पति सत्यजीत के साथ राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने चुनाव मैदान से हटने का फैसला किया। नामांकन वापस लेने की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हुई।

संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के धड़े का नंदीग्राम में कोई उम्मीदवार नहीं रह गया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।

ममता ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला INDIA गठबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने इसे बंगाल से गठबंधन की एक नई शुरुआत के संदेश के रूप में पेश किया।

समर्थन के कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान गिरफ्तार

ममता बनर्जी के समर्थन के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी सामने आई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसका संबंध 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से बताया जा रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान पुराने लंबित गिरफ्तारी वारंट की स्थिति की समीक्षा की जाती है और मिलन प्रधान के खिलाफ एक लंबित वारंट मिला था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस कार्रवाई का उपचुनाव से संबंध नहीं है और उन्हें अदालत से कोई कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं था। पुलिस की ओर से इस रिपोर्ट के समय कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

कांग्रेस ने हालांकि गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के तुरंत बाद उम्मीदवार की गिरफ्तारी राजनीतिक कार्रवाई की ओर इशारा करती है। ये कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं।

कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पार्टी के उम्मीदवार को पुलिस ले गई है और चुनावी प्रक्रिया के बीच इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने भी गिरफ्तारी के समय को लेकर आपत्ति जताई।

कांग्रेस का कहना है कि मिलन प्रधान नामांकन दाखिल करने और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रचार कर रहे थे। पार्टी ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख करने और चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।

दूसरी ओर, पुलिस के अनुसार कार्रवाई पुराने मामले और लंबित वारंट से संबंधित है। इस तरह गिरफ्तारी के राजनीतिक अर्थ को लेकर कांग्रेस और पुलिस के पक्ष अलग-अलग हैं।

नंदीग्राम में बदल गया चुनावी समीकरण

मिलन प्रधान को समर्थन देने का ममता बनर्जी का फैसला ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर भी विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत ममता बनर्जी के धड़े को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया है। दूसरे धड़े को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। यह व्यवस्था अंतरिम है।

इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में नंदीग्राम में उम्मीदवारों का समीकरण बदलना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। ममता खेमे की उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन मिला, लेकिन उसके बाद हुई गिरफ्तारी ने पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया।

ममता ने राहुल गांधी और केजरीवाल से संपर्क का भी किया जिक्र

ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने को INDIA गठबंधन को मजबूत करने से जोड़ा।

ममता ने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर भी विरोध जताया और कहा कि वह पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिह्न को लेकर राजनीतिक, लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से लड़ाई जारी रखेंगी। उनके ये बयान राजनीतिक दावे और प्रतिक्रियाएं हैं।

नंदीग्राम उपचुनाव में मिलन प्रधान की गिरफ्तारी
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी

अब नंदीग्राम उपचुनाव पर नजर

नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। शुक्रवार को कुछ ही घंटों के भीतर उम्मीदवार का नामांकन वापस होना, कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन मिलना और फिर उसकी गिरफ्तारी चुनावी घटनाक्रम को नया मोड़ दे चुकी है।

फिलहाल मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने राजनीतिक सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस पक्ष इसे पुराने मामले की लंबित कानूनी कार्रवाई से जोड़ता है। आगे अदालत और चुनाव आयोग की प्रक्रिया से इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। नंदीग्राम में अब चुनावी मुकाबले के साथ-साथ उम्मीदवारों की स्थिति और तृणमूल कांग्रेस के अंतरिम नाम-चिह्न की व्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है। (Expose India)

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