अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ नहीं, CM खांडू का दावा

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे के बीच 27 जगहों पर भारत का जवाब

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ पर CM पेमा खांडू का बयान
CM पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ की खबरों को खारिज किया।

डिजिटल डेस्क, ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को राज्य में चीनी सेना की घुसपैठ से जुड़ी खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय सेना पूरी मुस्तैदी के साथ भारतीय क्षेत्र में गश्त कर रही है और देश की सीमाओं की पूरी तरह रक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की ओर से स्थानों के नाम बदलने के दावों के बीच भारत सरकार ने अपने आधिकारिक नक्शे में राज्य के 27 महत्वपूर्ण स्थानों को उनके मानक नामों के साथ शामिल किया है।

CM पेमा खांडू ने घुसपैठ की खबरों को किया खारिज

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ का कोई संकेत नहीं है। उन्होंने भारतीय सेना की भूमिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सेना भारतीय क्षेत्र की प्रभावी तरीके से गश्त और सुरक्षा कर रही है।

मुख्यमंत्री के बयान का सीधा संदेश यह है कि राज्य में चीनी सेना की घुसपैठ से संबंधित खबरों को लेकर किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और देश की सीमाओं की रक्षा कर रही है।

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ को लेकर सामने आई खबरों के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का स्पष्ट रुख सामने रखता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सीमा क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है।

चीन के दावों के बीच भारत सरकार का बड़ा कदम

मुख्यमंत्री का बयान केंद्र सरकार के उस कदम के बाद सामने आया है, जिसमें भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 महत्वपूर्ण स्थानों को देश के आधिकारिक नक्शे में उनके मानक नामों के साथ शामिल किया है।

केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि इस कदम का उद्देश्य इन स्थानों की सही पहचान सुनिश्चित करना और आम जनता के बीच उनके भौगोलिक तथा ऐतिहासिक महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।

आधिकारिक बयान के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर इन स्थानों को औपचारिक रूप से पहचान देना जरूरी था, ताकि इनकी सटीक पहचान और इनके बारे में आम जनता को बेहतर जानकारी मिल सके।

यह कदम ऐसे वक्त में महत्वपूर्ण है, जब चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के नाम बदलने के दावे किए जाते रहे हैं। भारत ने इस तरह के दावों को लगातार खारिज किया है।

भारत ने चीन के नाम बदलने के दावों को बताया निरर्थक

नई दिल्ली ने बीजिंग की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के मनमाने नाम रखने की प्रक्रिया को हमेशा खारिज किया है। भारत का रुख स्पष्ट रहा है कि इस तरह के कदमों से जमीनी सच्चाई नहीं बदल सकती।

भारत के अनुसार अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। ऐसे में स्थानों के नाम बदलने की किसी भी कोशिश को भारत ने स्वीकार नहीं किया है।

आधिकारिक नक्शे में 27 स्थानों को उनके मानक नामों के साथ शामिल किया जाना भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है। सरकार के मुताबिक, इसका मकसद इन स्थानों की सही पहचान और उनके भौगोलिक एवं ऐतिहासिक महत्व को स्पष्ट करना है।

27 स्थानों में कई रणनीतिक रूप से बेहद अहम

आधिकारिक नक्शे में शामिल किए गए 27 स्थानों में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC के नजदीक हैं। इनका महत्व भारत और चीन के बीच पिछले सैन्य टकरावों के इतिहास के कारण भी बढ़ जाता है।

इनमें लोंग जू प्रमुख स्थानों में शामिल है। यह दोनों देशों के बीच शुरुआती संघर्ष केंद्रों में से एक रहा है। 1962 के भारत-चीन युद्ध से तीन साल पहले 1959 में चीनी सैनिक इस क्षेत्र में दाखिल हुए थे।

लोंग जू के पास ऊपरी सुबनसिरी जिले के माजा गांव, बीसा गांव और द्जो ला, रिजा ला तथा पुकुर ला जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ी दर्रे भी सूची में शामिल हैं।

इसके अलावा थाग ला भी इस सूची का हिस्सा है। यह वही ऊंचाई वाला दर्रा है, जहां 1962 के भारत-चीन युद्ध की शुरुआती लड़ाइयों में से एक लड़ी गई थी।

जैरामपुर समेत कई स्थानों का नक्शे में उल्लेख

नक्शे में शामिल स्थानों में चांगलांग जिले का जैरामपुर शहर भी है। यह पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए एक अहम लॉजिस्टिक्स हब के रूप में काम करता है।

इसके अलावा शंभू सरोवर, बड़ा कुंडुन, छोटा कुंडुन, धन बाड़ी, प्रीतनगर, तेरितनगर, रामगढ़/रामेश्वर, जसवंत गढ़, सागर, पद्मा और ज्योतिनगर जैसे स्थानों को भी आधिकारिक नक्शे में शामिल किया गया है।

सूची में बैसाखी, शेर-ए-थापा मेमोरियल, छोटा रोपुक, बड़ा रोपुक, शिवाजी नगर, सुणपुरा, कामलांग नगर और बुद्धमंदिर भी शामिल हैं।

इन स्थानों को आधिकारिक पहचान मिलने का उद्देश्य इनके भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व को स्पष्ट करना तथा आम जनता के बीच इनके बारे में सही जानकारी सुनिश्चित करना बताया गया है।

सीमा सुरक्षा को लेकर CM खांडू का स्पष्ट संदेश

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ की खबरों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भारतीय सेना की मुस्तैदी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेना भारतीय क्षेत्र की लगातार प्रभावी गश्त कर रही है और देश की सीमाओं की रक्षा कर रही है।

वहीं, 27 महत्वपूर्ण स्थानों को आधिकारिक नक्शे में शामिल किए जाने के बाद अरुणाचल प्रदेश से जुड़े भौगोलिक और रणनीतिक क्षेत्रों को लेकर भारत सरकार का रुख भी स्पष्ट दिखाई देता है। चीन की ओर से स्थानों के नाम बदलने के दावों को भारत पहले ही निरर्थक और बेतुका बता चुका है।

आगे की राह

अरुणाचल प्रदेश को लेकर मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने चीनी घुसपैठ से जुड़ी खबरों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है और भारतीय सेना की सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा जताया है। दूसरी ओर, भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के 27 महत्वपूर्ण स्थानों को आधिकारिक नक्शे में उनके मानक नामों के साथ शामिल किया है। इनमें LAC के पास स्थित और भारत-चीन के पुराने सैन्य टकरावों से जुड़े कई रणनीतिक क्षेत्र भी शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों के बीच सरकार और मुख्यमंत्री का यह रुख सीमा सुरक्षा और राज्य की स्थिति को लेकर भारत का स्पष्ट पक्ष सामने रखता है। (Expose India)

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