लखनऊ। प्रदेश के हजारों गांवों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा शुरू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीण मार्गों पर मिनी बसों के संचालन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सभी 20 क्षेत्रों से 28 मार्च 2026 तक कुल 1010 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अलग-अलग क्षेत्रों से मिले आवेदन, सहारनपुर और प्रयागराज सबसे आगे
परिवहन दयाशंकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। इनमें सहारनपुर से 144, प्रयागराज से 118, वाराणसी से 90, अलीगढ़ से 87 और मुरादाबाद से 78 आवेदन प्रमुख हैं। इसके अलावा झांसी से 59, बरेली से 41, गोरखपुर से 40, चित्रकूट-बांदा से 39, आगरा से 38 और गाजियाबाद से 37 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अन्य क्षेत्रों में मेरठ से 36, देवीपाटन से 25, कानपुर से 24, अयोध्या से 20, नोएडा से 12 और हरदोई से 10 आवेदन शामिल हैं।
मई से शुरू होगा बस संचालन, ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
दयाशंकर सिंह ने बताया कि अप्रैल माह में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, ताकि मई 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी बसों का संचालन शुरू किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना से जुड़े सभी कार्य गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
59 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ने की तैयारी
सरकार की योजना के तहत प्रदेश की 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 12,200 गांवों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए निजी मिनी बसों के संचालन की व्यवस्था की जा रही है। इन बसों की क्षमता 15 से 28 सीटों के बीच होगी।
ग्रामीणों को सस्ती और सुगम यात्रा का लाभ
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से सीधे जोड़ना है। इसके माध्यम से दूरस्थ और असंबद्ध गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा, जिससे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी परिवहन सुविधा पहुंच सके। साथ ही, जहां परिवहन निगम की बसें कम संचालित हैं, वहां निजी बस संचालकों के जरिए सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर ग्राम पंचायत को सस्ती, सुरक्षित और सुगम परिवहन सेवा से जोड़ा जाए, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिल सके।