
सिंगाही। फरदहिया गांव में विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में रविवार को परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और घर पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। परिजनों की मांग पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन गिरफ्तारी न होने से देर शाम तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार फरदहिया गांव निवासी 22 वर्षीय बबिता देवी का विवाह करीब एक वर्ष पूर्व धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी लवकुमार भार्गव के साथ हुआ था। परिजनों के मुताबिक बबिता कुछ दिन पहले मायके आई थी। शुक्रवार को उसका पति भी ससुराल पहुंचा था। दोनों कारीकोट मेले में घूमने गए थे। शनिवार सुबह दोनों गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक खेत में बने बंगले पर पहुंचे, जहां बाद में बबिता का शव फंदे से लटका मिला।
मृतका के चाचा रामकैलाश ने आरोप लगाया कि लवकुमार ने फोन कर बताया था कि उसने पत्नी को थप्पड़ मारे हैं और वह बंगले पर पड़ी हुई है। सूचना मिलने पर जब परिजन मौके पर पहुंचे तो बबिता मृत मिली, जबकि उसका पति फरार था। मृतका की मां विटाला देवी और बाबा मनोहर लाल ने आरोप लगाया कि बबिता की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। परिजनों ने शव घर पर रखकर धरना शुरू कर दिया और आरोपी पति की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर क्षेत्राधिकारी शिवम कुमार, एसआई आशुतोष सिंह समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
काफी देर तक चली वार्ता के बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बावजूद गिरफ्तारी न होने से परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए। समाचार लिखे जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था।
क्षेत्राधिकारी शिवम कुमार ने बताया कि आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।