लखनऊ में पारंपरिक कला का अनूठा संगम: कला-प्रेमियों के लिए खास मौका, सीखें मिट्टी-मिरर वर्क की बारीकियां

लखनऊ। शहर के कला प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर प्रस्तुत करते हुए चित्रकथी कला स्टूडियो द्वारा पारंपरिक लिप्पन आर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प को सीखने और समझने का एक अनूठा मंच प्रदान करेगी। इसमें प्रतिभागियों को मिट्टी और दर्पण (मिरर वर्क) के माध्यम से आकर्षक और पारंपरिक डिज़ाइन तैयार करना सिखाया जाएगा, जिससे वे इस प्राचीन कला के सौंदर्य और तकनीक दोनों से रूबरू हो सकें।

यह कार्यशाला 12 अप्रैल रविवार को शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन गोमती नगर, लखनऊ स्थित स्टूडियो परिसर में किया जाएगा, जहां प्रतिभागियों को एक रचनात्मक और प्रेरणादायक वातावरण मिलेगा।

व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ मिलेगा संपूर्ण अनुभव

कार्यशाला की विशेष बात यह है कि इसमें प्रतिभागियों को लिप्पन आर्ट की मूल तकनीकों, डिज़ाइनिंग प्रक्रिया, रंग संयोजन और मिरर वर्क का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह भी है कि इस दौरान उपयोग होने वाली सभी आवश्यक सामग्री संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रतिभागियों को बिना किसी अतिरिक्त तैयारी के एक संपूर्ण और सहज अनुभव मिल सके।

पारंपरिक कला को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल

संस्थान के निर्देशक आशुतोष वर्धन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय कला को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। लिप्पन आर्ट, जो विशेष रूप से कच्छ (गुजरात) की प्रसिद्ध लोककला है, आज के समय में आधुनिक इंटीरियर और सजावट में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है, और इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।