जब जयंती बनी जागरूकता की आवाज: लखनऊ में अंबेडकर के विचारों से गूंजा मंच

राजधानी लखनऊ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक ऐसा आयोजन देखने को मिला, जहां सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और बदलाव की मजबूत पहल भी नजर आई। NSDI Digital Institute और ऑक्सीजन मैन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को बाबा साहेब के विचारों से जोड़ने का कार्य किया।आर.के. पैलेस, रकाबगंज में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, खासकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं, बल्कि बाबा साहेब के संघर्ष, उनके सिद्धांतों और संविधान के मूल्यों को समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाना था।इस अवसर पर ऑक्सीजन मैन राजेश जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा और जागरूकता ही समाज में असली परिवर्तन ला सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिर्फ जयंती मनाने तक सीमित न रहें, बल्कि बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में उतारें और समाज में समानता व न्याय के लिए आगे आएं।कार्यक्रम में नयीम आदिल (डायरेक्टर), राजेश कुमार गौतम (वाइस प्रेसिडेंट) और सलमान नसीम (सेक्रेटरी) सहित अन्य आयोजक भी मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई और समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा बनाए गए संविधान ने देश के हर नागरिक को समान अधिकार दिए हैं, लेकिन इन अधिकारों का सही लाभ तभी मिलेगा जब समाज का हर वर्ग जागरूक होगा। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, शिक्षा और समानता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे समाज में फैली असमानताओं को दूर करने और एक बेहतर, समरस समाज के निर्माण के लिए कार्य करेंगे। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो जयंती जैसे अवसर भी बड़े सामाजिक बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का सिलसिला जारी रहेगा।