
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला और स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन बिना जनगणना के इसे लागू करना महिलाओं के अधिकारों के साथ गंभीर अन्याय और उनकी हिस्सेदारी कम करने की साजिश है।
संजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी अगर वास्तव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना चाहती है, तो वह 543 लोकसभा सीटों में से 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू करे, आम आदमी पार्टी उसका पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा साफ नहीं है और वह महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण तय करना अवैज्ञानिक
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बिना जनगणना के महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण तय करना न केवल अवैज्ञानिक है, बल्कि इससे वास्तविक सामाजिक प्रतिनिधित्व भी प्रभावित होगा। संजय सिंह ने कहा कि यह कदम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के बजाय उनकी सीटों को सीमित करने की कार्यवाही साबित होगा, जो सीधे-सीधे महिलाओं के साथ विश्वासघात है।
संजय सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना जनगणना के परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना देश के विभिन्न राज्यों के साथ अन्याय और धोखा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले संघीय ढांचे को कमजोर करते हैं और राज्यों के अधिकारों का हनन करते हैं।
संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी सरकार को चेताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर संविधान की हत्या नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी देश के लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।