लखनऊ/नई दिल्ली। संसद में नारी शक्ति अधिनियम संशोधन बिल के गिरने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर परिसीमन (Delimitation) लागू करने की कोशिश की, जो लोकतंत्र, संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि एकजुट विपक्ष INDIA गठबंधन ने इस रणनीति को समझ लिया, जिसके चलते यह संविधान संशोधन बिल संसद में गिर गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। उनका कहना है कि 2023 में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया, जबकि इस दौरान लोकसभा चुनाव भी हो चुके हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि यदि सत्तारूढ़ दल को भारी बहुमत मिलता, तो संभवतः महिला आरक्षण कानून को लागू नहीं किया जाता। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि 2029 के चुनावों से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर केंद्र और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।