
लखनऊ। आमजन को राष्ट्रीय लोक अदालत, निशुल्क विधिक सहायता और न्यायिक सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला न्यायालय, लखनऊ परिसर में एक विशेष फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लखनऊ पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से आयोजित हुआ, जिसमें न्यायिक एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मलखान सिंह ने पीआरवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की पीआरवी को राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए रवाना किया गया। ये वाहन शहर के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर लोगों को लोक अदालत और निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में जागरूक करेंगे।
लोक अदालत से सस्ते और त्वरित न्याय का संदेश
इस विशेष कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों का त्वरित, सरल और कम खर्च में निस्तारण संभव है। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक लोक अदालत की उपयोगिता और निशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद नागरिक आसानी से न्याय प्राप्त कर सकें।

अभियान के दौरान लोगों को बैंक ऋण विवाद, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, बिजली और पानी के बिल से जुड़े मामलों सहित अन्य प्रकरणों के समाधान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि लोक अदालत के जरिए लंबित मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कर न्याय व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है।
गांव-गांव चलाया जाएगा विधिक जागरूकता अभियान
फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम के बाद रवाना हुई पीआरवी टीमें ग्रामीण क्षेत्रों, मलिन बस्तियों और दूरदराज इलाकों में विशेष विधिक जागरूकता अभियान संचालित करेंगी। पुलिस और डीएलएसए की संयुक्त टीमें घर-घर संपर्क कर नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगी।
अभियान के तहत पंपलेट वितरण, जनसंवाद और सार्वजनिक उद्घोषणाओं के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत, निशुल्क विधिक सहायता योजनाओं और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।

न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाने की पहल
लखनऊ पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह संयुक्त अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्यायिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और न्यायिक संस्थाओं का उद्देश्य हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। अभियान का मकसद सिर्फ कानूनी जानकारी देना नहीं, बल्कि आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना भी है।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत प्रकाश तिवारी, सिविल जज (सीडी) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा तथा एडीसीपी (क्राइम) और नोडल अधिकारी लोक अदालत किरन यादव (आईपीएस) सहित न्यायिक और पुलिस विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आमजन को त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराया जा सकता है। लखनऊ पुलिस का प्रयास है कि विधिक जागरूकता अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर न्याय व्यवस्था का लाभ उठा सके।