जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन” नई पीढ़ी को साहित्य सेवा के लिए करेगी प्रेरित: डॉ श्याम वृक्ष मौर्य


आजमगढ़। तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आजमगढ़ इकाई के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मारवाड़ी धर्मशाला में पुस्तक विमोचन, साहित्यिक परिचर्चा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुंबई के ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक Rajesh Vikrant द्वारा संपादित पुस्तक जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साहित्यकार Dr. Shyam Vriksh Maurya ने कहा कि यह पुस्तक विशेष रूप से नई पीढ़ी को साहित्य सेवा और रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत साहित्यकार Harihar Pathak, Paramhans Singh, कवि Sohan Lal Gupta ‘Snehi’ और शिक्षक Barun Kumar Pandey द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। संयोजक Lal Bahadur Chaurasiya ‘Lal’ एवं Rakesh Pandey ‘Sagar’ ने अतिथियों का स्वागत किया। कवयित्री Saroj Yadav ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि भोजपुरी गायक एवं रचनाकार Virendra Bharti ने स्वागत गीत गाकर समां बांधा।
इस अवसर पर डॉ श्याम वृक्ष मौर्य को आयोजन समिति की ओर से Shyam Narayan Pandey Samman से सम्मानित किया गया।
पुस्तक के संपादक राजेश विक्रांत ने आजमगढ़ की साहित्यिक परंपरा को नमन करते हुए कहा कि Ayodhya Singh Upadhyay ‘Hariaudh’, Shyam Narayan Pandey, Maulana Shibli Nomani और Kaifi Azmi जैसी विभूतियों की धरती से प्रेरणा लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डॉ जितेंद्र पाण्डेय के जीवन और रचनाकर्म पर आधारित यह पुस्तक सभी को पढ़नी चाहिए।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में Mangaldev Tiwari Raj, Santosh Kumar Singh और Dr. Ishwar Chandra Tripathi मौजूद रहे। आभार प्रदर्शन करते हुए Dr. Jitendra Pandey ने कहा कि भारतीय परंपराओं को लेखन, शिक्षा और व्यवहार में शामिल कर देश का रचनात्मक पुनर्निर्माण किया जा सकता है।
इसके बाद सुप्रसिद्ध कवि और मोटिवेशनल स्पीकर Dr. Tarkeshwar Mishra ‘Jigyasu’ के संचालन में काव्य गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें कई कवियों और साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया।