भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई: धर्मपाल सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” को मिशन मोड में तेज करने के निर्देश दिए हैं। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधान भवन स्थित कार्यालय में अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि गौशालाओं में किसी भी गोवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लक्ष्य पूरा न करने वाले या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा बैठक में मंत्री ने हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या जिलों के खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को भूसा संग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी गौआश्रय स्थलों पर भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, पशु चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुन्तल निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 1.11 करोड़ कुन्तल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का अधिकतम लाभ उठाकर लक्ष्य को समय से पूरा किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने और गोचर भूमि को कब्जामुक्त कराकर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के अंतर्गत 1905 अस्थायी भूसा बैंक और 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनपदों में शामिल किया गया।पशुधन मंत्री ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही जैविक खाद और गोबर गैस के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।बैठक में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को एनजीओ संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन करने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।