
टिकैतनगर (बाराबंकी)। आदर्श नगर पंचायत टिकैतनगर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों की हालत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धधवारा, सरावगी, नूरवाफ और जुलाहटी मोहल्लों सहित कई स्थानों पर बने सामुदायिक शौचालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश शौचालयों में हैंडवॉश, तौलिया, सफाई सामग्री और नियमित रखरखाव की व्यवस्था नहीं है, जबकि कई जगहों पर तैनात केयरटेकर भी ड्यूटी से गायब रहते हैं।
नागरिकों का कहना है कि शौचालयों पर केयरटेकर का नाम और मोबाइल नंबर तो अंकित है, लेकिन मौके पर उनकी मौजूदगी शायद ही कभी देखने को मिलती है। इससे नियमित साफ-सफाई प्रभावित हो रही है और शौचालयों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पंचायत कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी के नाम से ही केयरटेकर का वेतन निकाले जाने की चर्चा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जब किसी अधिकारी के निरीक्षण की सूचना मिलती है, तभी आनन-फानन में सफाई कराकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त दिखाने का प्रयास किया जाता है। निरीक्षण समाप्त होते ही फिर से लापरवाही शुरू हो जाती है।
कोतवाली के बगल स्थित सार्वजनिक शौचालय की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय निवासी ओम प्रकाश ने बताया कि वहां अधिकांश समय गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है। उनके अनुसार कई बार केवल पानी डालकर फोटो खींच ली जाती है, जबकि कमोड का ढक्कन टूटा हुआ है और फिनाइल, क्लीनर व नेफ्थलीन की गोलियों का नियमित उपयोग नहीं होता। उन्होंने यह भी बताया कि समरसेबल का पानी कई बार लगातार चलता रहता है, जिससे पानी की अनावश्यक बर्बादी होती है।
धधवारा मोहल्ले के सार्वजनिक शौचालय में निरीक्षण के दौरान बेसिन की टोटी गायब मिली, पानी की हौदी में काई जमी हुई थी तथा दीवारें कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त दिखाई दीं। मौके पर कोई केयरटेकर मौजूद नहीं मिला।
स्थानीय निवासी सोनू रामपाल ने कहा कि शौचालयों में जमा गंदा पानी और काई संक्रमण तथा संक्रामक बीमारियों को बढ़ावा दे सकती है। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य को देखते हुए नियमित सफाई, मरम्मत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
नगरवासियों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन रखरखाव में लापरवाही के कारण योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। लोगों ने सभी सार्वजनिक शौचालयों की नियमित निगरानी, साफ-सफाई, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इस संबंध में नगर पंचायत टिकैतनगर की अधिशासी अधिकारी शीलू अवस्थी ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव नियमित रूप से कराया जाता है। यदि किसी शौचालय में कमियां पाई गई हैं तो उनकी जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।