बड़े मंगल पर लखनऊ में ‘वृक्ष दान’ अभियान, वॉटर वूमन शिप्रा पाठक ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

राजधानी लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश देखने को मिला। ‘वॉटर वूमन’ के नाम से प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता शिप्रा पाठक ने वृक्ष दान अभियान चलाकर बड़े मंगल का उत्सव मनाया और लोगों से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।

उत्तर प्रदेश के बदायूं की रहने वाली शिप्रा पाठक हाल ही में अयोध्या से रामेश्वरम तक करीब 3,952 किलोमीटर की ऐतिहासिक पदयात्रा पूरी कर चर्चा में आई हैं। उन्होंने अपनी इस यात्रा के माध्यम से नदियों, पर्यावरण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश पूरे देश में पहुंचाया।

शिप्रा पाठक ने बताया कि बड़े मंगल केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने वृक्ष दान अभियान की शुरुआत की, ताकि अधिक से अधिक लोग पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ सकें।

उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। नदियों, जल स्रोतों और वनस्पतियों को बचाने के लिए समाज को सामूहिक प्रयास करने होंगे। शिप्रा ने युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें।

शिप्रा पाठक ने 27 नवंबर को अयोध्या से राम जानकी वन गमन पथ पर अपनी पदयात्रा शुरू की थी। यह यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु से गुजरते हुए 11 मार्च को रामेश्वरम पहुंची। इस दौरान वह विभिन्न नदियों का जल अपने साथ लेकर चलीं, जो जल संरक्षण का प्रतीक बना।

राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी शिप्रा पाठक की दादी संतोष कुमारी पाठक दातागंज से चार बार विधायक रह चुकी हैं, जबकि उनके नाना त्रिवेणी सहाय शर्मा भी विधायक रहे हैं। इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट ग्रेजुएट शिप्रा समाज और पर्यावरण से जुड़े अभियानों में लगातार सक्रिय हैं।

इससे पहले भी वह मां नर्मदा परिक्रमा, मानसरोवर यात्रा, सरयू पदयात्रा और ब्रज 84 कोसी यात्रा जैसी कई पदयात्राएं कर चुकी हैं। पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित के मुद्दों पर युवाओं को जागरूक करने के लिए उन्हें कई मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।