UP में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा जारी: मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में अब पोषण पर दिया जाएगा जोर

लखनऊ। प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा और निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश पर प्रदेश में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता का मंडल स्तर पर मूल्यांकन किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 13 मंडलों कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट, मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर की समीक्षा पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष पांच मंडलों का पर्यवेक्षण भी संपन्न हो चुका है और उनकी समीक्षा बैठकें शीघ्र आयोजित की जाएंगी।

वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक

वाराणसी एवं मिर्जापुर मंडल की स्वास्थ्य इकाइयों में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तृत निरीक्षण के बाद 13 मई 2026 को अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में लखनऊ से वर्चुअल मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल और जनपद स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया।

बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन मेलों में पोषण संबंधी सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पोषण जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मिर्जापुर और सोनभद्र जनपदों में कुछ कमियां चिन्हित की गईं, जिन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही औचक निरीक्षण के लिए टीमें भेजी जाएंगी, जो जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगी।

स्वास्थ्य केंद्रों पर रात्रि सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वे अपनी ड्यूटी के अनुसार स्वास्थ्य इकाइयों में रात्रि विश्राम सुनिश्चित करें, ताकि मरीजों को रात के समय भी चिकित्सकीय सेवाएं मिल सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों का उल्लेख करते हुए लोगों को भोजन में कम से कम खाद्य तेल के उपयोग और गर्मी के मौसम में पानी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी बल दिया।

ऊर्जा संरक्षण को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य इकाइयों और कार्यालयों में एयर कंडीशनर को 25 से 27 डिग्री सेल्सियस पर संचालित करने तथा सूर्य के प्राकृतिक प्रकाश का अधिकतम उपयोग कर बिजली बचाने की अपील की। इसके अलावा निजी वाहनों का उपयोग करने वाले कर्मचारियों से कार पूलिंग अपनाकर ईंधन और ऊर्जा बचाने का आह्वान भी किया गया।

दूसरे चरण में होगा सेल्फ असेसमेंट, मोबाइल ऐप से होगी मॉनिटरिंग

मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों का पर्यवेक्षण पूरा कर लिया गया है। अब जल्द ही समीक्षा अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य इकाइयों का सेल्फ असेसमेंट कराया जाएगा। इसके लिए एक मोबाइल ऐप विकसित किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

उन्होंने दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीवीडीएमएस पोर्टल के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही स्वास्थ्य इकाइयों में मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने, ई-प्रिसक्रिप्शन को बढ़ावा देने तथा एनआरसी, एसएनसीयू, एनबीएसयू और ऑपरेशन थिएटर जैसी इकाइयों की प्रतिदिन वीडियो कॉल के माध्यम से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

88 टीमों ने किया 1534 स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण

पर्यवेक्षण अभियान के तहत वाराणसी मंडल द्वारा मिर्जापुर मंडल के तीन जनपदों के 26 ब्लॉकों और मिर्जापुर मंडल द्वारा वाराणसी मंडल के चार जनपदों के 54 ब्लॉकों की स्वास्थ्य इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। राज्य, मंडल, जनपद और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की कुल 88 दो सदस्यीय टीमों ने दोनों मंडलों की 3178 स्वास्थ्य इकाइयों में से 1534 इकाइयों का निरीक्षण किया, जो कुल इकाइयों का लगभग 48 प्रतिशत है।

निरीक्षण के दौरान आठ जिला चिकित्सालय, 76 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 264 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 1172 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 10 विशेष चिकित्सालय और चार मेडिकल कॉलेजों का पर्यवेक्षण किया गया। इसके अलावा रविवार को आयोजित 240 मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।

कई इकाइयों में सेवाएं बेहतर, कुछ स्थानों पर कमियां भी मिलीं

निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्वास्थ्य इकाइयों में सेवाएं संतोषजनक पाई गईं, हालांकि कुछ स्थानों पर आधारभूत संरचना, उपकरणों के रखरखाव, मानव संसाधन की उपलब्धता और प्रबंधन से जुड़ी कमियां सामने आईं। इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि आम जनता को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए इस प्रकार के व्यापक निरीक्षण और समीक्षा अभियान आगे भी जारी रहेंगे। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य इकाइयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के एसपीएमयू कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एचडी अग्रवाल और महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ. रंजना खरे सहित दोनों मंडलों के मंडलीय अपर निदेशक, संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पतालों के अधिकारी तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न अनुभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य और जनपद स्तर के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भौतिक और वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।