NEET अभ्यर्थी ऋतिक मिश्रा की मौत पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने परिवार से की मुलाकात, परीक्षा तंत्र पर उठाए सवाल


लखीमपुर खीरी। जनपद के ग्राम हसनपुर कटौली निवासी 21 वर्षीय NEET-UG अभ्यर्थी ऋतिक मिश्रा की कथित आत्महत्या के मामले में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाया और घटना को “सिस्टम की विफलता” बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
यह प्रतिनिधिमंडल अजय राय के निर्देश पर भेजा गया था। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद रविप्रकाश वर्मा, पूर्व विधायक सतीश अजमानी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रहलाद पटेल सहित कई कांग्रेस नेता शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। पूर्व सांसद रविप्रकाश वर्मा ने कहा कि “यह बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, बल्कि एक भ्रष्ट तंत्र के शिकार हुए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
पूर्व विधायक सतीश अजमानी ने कहा कि वर्ष 2015 से 2026 के बीच बीजेपी सरकार में 148 परीक्षा घोटाले सामने आए हैं और 87 परीक्षाएं रद्द हुई हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ता मानसिक तनाव गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने शासन और प्रशासन से मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में बाबू राम दीक्षित, नवाज खान, गौरव मिश्रा, जमाल अहमद, सलीम अहमद, कोमल सिंह, अनु मिश्रा, प्रेम वर्मा, राजेश अवस्थी, धीरेन्द्र भार्गव और राम संजीवन तिवारी सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।