PM के आह्वान पर पर्यटन-संस्कृति विभाग सक्रिय: खर्चों में कटौती और पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश

लखनऊ। विश्व की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में सभी से योगदान देने का आह्वान किया गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने 13 मई 2026 को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश जारी किए। बैठक में विभागीय खर्चों में कटौती, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों को सरकारी वाहन आवंटित हैं, वे उनके उपयोग में मितव्ययिता बरतें और वाहन संबंधी खर्चों को 50 प्रतिशत तक कम करने का प्रयास करें। उन्होंने एक ही रूट पर आने-जाने वाले अधिकारियों को साझा वाहन उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही शासकीय भ्रमण के दौरान भी संयुक्त रूप से एक ही वाहन का उपयोग करने पर बल दिया गया। अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए भी कहा गया।

कार्यालयों में बिजली और एसी के सीमित उपयोग के निर्देश

बैठक में ऊर्जा संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि कार्यालयों में बिजली का न्यूनतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा एसी का प्रयोग भी आवश्यकता के अनुसार सीमित रखा जाए। अवकाश के दिनों में कार्यालय केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही खोले जाएं ताकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखा जा सके।

स्मारकों में निशुल्क प्रवेश और ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को प्रदेश के स्मारकों में निशुल्क प्रवेश संबंधी निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, इसलिए पीपीपी मॉडल पर लीज पर दी गई इकाइयों और पर्यटक आवास गृहों में डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहित किया जाए।

पर्यटन विभाग के राही पर्यटक आवास गृहों और होटलों में मई एवं जून 2026 के दौरान बच्चों और पारिवारिक यात्रियों को 20 से 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री के “विजिट माई स्टेट” अभियान को गति देने के लिए वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज, अयोध्या, बुन्देलखण्ड, चित्रकूट, आगरा, नैमिषारण्य और शाकुम्भरी देवी सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

क्षेत्रीय व्यंजनों, हेरिटेज वॉक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रहेगा फोकस

पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति और खानपान से परिचित कराने के उद्देश्य से विशेष कुकिंग शो आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश की विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से जानने के लिए हेरिटेज वॉक का आयोजन भी किया जाएगा।

संस्कृति विभाग को जिलाधिकारियों के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, नाटक और लोक प्रस्तुतियों के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेशभर में लगभग 200 नाट्य प्रस्तुतियों की पहचान की गई है, जिनका विभिन्न स्थलों और मंडलों में मंचन कराया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने का प्रयास किया जाएगा।