फर्जी अधिवक्ता बनकर नौकरी दिलाने वाला गिरोह गिरफ्तार, जिला कोर्ट और सचिवालय में नौकरी के नाम पर 34 लाख की ठगी


लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना वजीरगंज पुलिस ने फर्जी अधिवक्ता बनकर अर्दली की ट्रेनिंग देने वाले आरोपी मो. मेराज को गिरफ्तार किया है। आरोपी और उसके साथियों पर जिला कोर्ट और सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना प्रदीप चौहान बताया जा रहा है, जबकि उसके साथ अभिषेक कुमार सिंह, मो. मेराज और अजय सिंह भी शामिल थे। आरोपियों ने खुद को लखनऊ जिला कोर्ट और सचिवालय का अधिकारी तथा पेशकार बताकर बेरोजगार युवकों को अपने जाल में फंसाया। वादी शिवम गौंड और उसके साथियों रंजीत गौंड, अमित कुमार, रजनी, सूरज, राधिका और राहुल कुमार से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुराना हाईकोर्ट स्थित सीएससी बिल्डिंग के कमरा नंबर 0-307 में फर्जी ऑफिस भी खोल रखा था। यहां पीड़ित युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र और सर्विस बुक की छायाप्रति दी गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने करीब 10 से 12 दिनों तक युवकों को फर्जी ट्रेनिंग भी कराई, ताकि उन्हें किसी तरह का संदेह न हो।
जब पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तब आरोपियों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार 27 मई 2026 की शाम करीब साढ़े छह बजे स्वास्थ्य भवन चौराहे पर मो. मेराज और उसके 15-20 साथियों ने पीड़ितों पर जानलेवा हमला किया। इसी दौरान पीड़ितों ने मो. मेराज को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर थाना वजीरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और वादी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी मो. मेराज पुत्र महबूब अली निवासी बल्दीराय, सुल्तानपुर-अमेठी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्तमान में डालीगंज के मछली मंडी क्षेत्र में रह रहा था।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पैसे लेकर ट्रेनिंग देता था और उसके अन्य साथी नौकरी लगवाने के नाम पर रकम वसूलते थे। इस पूरे काम के एवज में उसे भी हिस्सा मिलता था। पुलिस को आरोपी के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र और अर्दली व पोस्टमैन की सर्विस बुक की प्रतियां बरामद हुई हैं।
थाना वजीरगंज में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। साथ ही आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह अक्सर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या संस्था को पैसे न देने की सलाह दी गई है।
इस कार्रवाई को थाना वजीरगंज के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह और पुलिस टीम ने अंजाम दिया।