
लखनऊ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक की घटनाओं, छात्रों पर हुई कार्रवाई और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया।
हजरतगंज चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “छात्र-युवा विरोधी नीतियां बंद करो” जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने विधानसभा और राजभवन की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पहले से तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस ने हालात को नियंत्रित रखा और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनने दी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर हजरतगंज चौराहे और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
आजाद समाज पार्टी के नेताओं का कहना था कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। उनका आरोप था कि छात्रों की आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही। पार्टी ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। कुछ देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य हो गई।