
लखनऊ। राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस), लखनऊ की डायटेटिक्स यूनिट की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस, हैंडग्रिप स्ट्रेंथ असेसमेंट और व्यक्तिगत पोषण परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जांच के माध्यम से कर्मचारियों को शरीर में मांसपेशियों की स्थिति, शारीरिक संरचना और मांसपेशियों की कार्यक्षमता को समझने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति और दैनिक जीवनशैली के अनुरूप संतुलित आहार अपनाने के सुझाव दिए। साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त पोषण और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर भी चर्चा की गई।
स्वस्थ संस्थान के लिए स्वस्थ कार्यबल जरूरी
डायटेटिक्स यूनिट के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मरीजों के पोषण प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थान में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य कर्मचारियों के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देना है। कार्यक्रम की थीम “स्वस्थ संस्थान–स्वस्थ कार्यबल” रखी गई।
शिविर में कर्मचारियों ने बॉडी कंपोजीशन, मांसपेशियों की ताकत और संतुलित आहार के महत्व को लेकर विशेष रुचि दिखाई। विशेषज्ञों ने कहा कि जो कर्मचारी प्रतिदिन मरीजों और अन्य लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल में जुटे रहते हैं, उनके लिए अपने स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान देना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों को निवारक स्वास्थ्य, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक किया गया। आयोजकों ने कहा कि स्वस्थ कार्य वातावरण और बेहतर कार्यक्षमता के लिए कर्मचारियों का शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना महत्वपूर्ण है।