
लखनऊ। अयोध्या तीर्थ स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नव निर्मित मां दुर्गा मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण का भव्य अनुष्ठान माता के साप्ताहिक दिवस शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को मातृशक्ति के नाम समर्पित किया गया था। इस पावन अवसर पर “सुंदरकांड महा अभियान भारत वर्ष की बने पहचान” आंदोलन की प्रमुख एवं स्थानीय सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सुंदरकांड का नियमित पाठ न केवल व्यक्ति के जीवन को सुंदर और सकारात्मक बनाता है, बल्कि यह सनातन संस्कृति एवं राष्ट्रीय चेतना को भी सशक्त करने का माध्यम है।
यज्ञशाला में विशेष अनुष्ठान के बाद हुआ ध्वजारोहण
सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल ने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर श्रीराम मंदिर आंदोलन की प्रखर वक्ता साध्वी ऋतंभरा तथा केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मंदिर शिखर पर धर्मध्वजा फहराई। ध्वजारोहण से पूर्व राम मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा-अर्चना और यज्ञ का आयोजन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं संत-महात्माओं ने भाग लेकर धार्मिक वातावरण को और अधिक भव्य बनाया।
भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ चल रहा सुंदरकांड महा अभियान
सपना गोयल ने कहा कि उनका उद्देश्य संतों और ऋषियों की पावन भूमि भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करना है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” के माध्यम से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ तथा प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को विभिन्न मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिना किसी सरकारी अथवा निजी सहयोग के यह अभियान निरंतर विस्तार प्राप्त कर रहा है और समाज में आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बन रहा है।
हजारों महिलाओं की भागीदारी से आयोजित हुए भव्य धार्मिक आयोजन
सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर पांच हजार से अधिक महिलाओं द्वारा सामूहिक सुंदरकांड का भव्य आयोजन किया गया था। इसके बाद 23 जून 2024 को पवित्र तीर्थ नैमिषारण्य में भी पांच हजार महिलाओं की सहभागिता के साथ विशाल सुंदरकांड महायज्ञ सम्पन्न कराया गया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में लगातार यात्राएं कर बड़े स्तर पर सुंदरकांड महायज्ञ आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
देश के प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंचा अभियान
महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के सिद्धबली मंदिर कोटद्वार, काशी विश्वनाथ धाम, हरिद्वार की हर की पौड़ी, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर तथा कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भव्य सुंदरकांड पाठ आयोजित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त मथुरा स्थित भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक महिलाओं ने सामूहिक सुंदरकांड पाठ में भाग लिया। बीते वर्ष 11 सितम्बर से अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भी मासिक सुंदरकांड पाठ का नियमित क्रम प्रारंभ हो चुका है।
42 जिलों और 10 राज्यों तक पहुंचा अभियान, सेवा कार्य भी जारी
सपना गोयल के अनुसार सुंदरकांड महा अभियान अब उत्तर प्रदेश के 42 जिलों तथा देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। आगामी चरण में लखनऊ में 11 हजार महिलाओं के सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ समिति “सेवा परमो धर्म:” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए जरूरतमंदों के बीच शीतकाल में कंबल वितरण, भंडारों का आयोजन तथा विभिन्न सामाजिक सेवा कार्य भी निरंतर कर रही है।