योग शिक्षा का अग्रणी केंद्र बना लखनऊ विश्वविद्यालय: योग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय का योग विभाग, फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन, देश में योग शिक्षा प्रदान करने वाले प्रमुख संस्थानों में शुमार है। विभाग में वर्तमान समय में एम.ए./एम.एससी (योग) बी.ए./बी.एससी (योग) तथा पी.जी. डिप्लोमा (योग) जैसे नियमित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को योग की उत्पत्ति, इतिहास, दर्शन, स्वास्थ्य प्रबंधन, रोगों की रोकथाम में योग की भूमिका, मानव शरीर की संरचना तथा व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन कराया जाता है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप संचालित हैं पाठ्यक्रम

संकायाध्यक्ष के अनुसार योग विभाग में संचालित सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप तैयार किए गए हैं। एम.ए./एम.एससी (योग) में 50 सीटें, बी.ए./बी.एससी (योग) में 60 सीटें तथा पी.जी. डिप्लोमा (योग) में 40 सीटें निर्धारित की गई हैं। शुल्क संरचना की बात करें तो एम.ए./एम.एससी (योग) का प्रति सेमेस्टर शुल्क 35 हजार रुपये, बी.ए./बी.एससी (योग) का 25 हजार रुपये तथा पी.जी. डिप्लोमा (योग) का 21 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। विभाग का दावा है कि सभी पाठ्यक्रम रोजगारपरक हैं और विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार की बेहतर संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि योग केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि विशिष्ट क्षमताओं और व्यावहारिक कौशल से जुड़ा क्षेत्र है। विभाग द्वारा संचालित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र आयुष मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश आयुष विभाग की विभिन्न परियोजनाओं में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालयों, माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में भी योग प्रशिक्षकों की लगातार मांग बनी रहती है। देश के सैकड़ों विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में योग विषय पढ़ाया जा रहा है, जहां प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।

एम्स और सरकारी अस्पतालों में भी बढ़ रही योग विशेषज्ञों की मांग

योग शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में भी रोजगार के अनेक अवसर मौजूद हैं। देश के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) सहित विभिन्न सरकारी और निजी चिकित्सालयों में योग विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। चूंकि योग सीधे तौर पर स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ा विषय है, इसलिए विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक करने वाले विद्यार्थी स्वयं का योग वेलनेस सेंटर या योग केंद्र स्थापित कर स्वरोजगार भी शुरू कर सकते हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

विदेशों में भी योग प्रशिक्षकों की भारी मांग

भारतीय योग की वैश्विक लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशिक्षित योग शिक्षकों और विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है। विश्वविद्यालय से योग विषय में स्नातक और परास्नातक डिग्री प्राप्त करने वाले अनेक छात्र विदेशों में विभिन्न संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों और वेलनेस इंडस्ट्री में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी

लखनऊ विश्वविद्यालय ने एम.ए./एम.एससी (योग), बी.ए./बी.एससी (योग) और पी.जी. डिप्लोमा (योग) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर इन रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।