20 से ज्यादा विभूतियों को मिलेगा ‘अवध गौरव’ और ‘अवध अस्मिता सम्मान’


लखनऊ। अवध की मिट्टी से निकली प्रतिभाओं और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान का मंच सजने जा रहा है। अवध विकास संस्थान की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कला, साहित्य, प्रशासन, चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली 20 से अधिक अवध की विभूतियों को ‘तुलसी अवध श्री सम्मान’, ‘अवध गौरव सम्मान-2026’ और ‘अवध अस्मिता सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा।


कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ जाएगी, जब इसमें मा. न्यायमूर्ति श्री राम मनोहर मिश्रा, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ की उपस्थिति रहेगी। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अतिथियों और विशिष्ट लोगों की सहभागिता भी प्रस्तावित है।
इन विभूतियों को मिलेगा सम्मान
‘तुलसी अवध श्री सम्मान’ और ‘अवध गौरव सम्मान-2026’ के लिए प्रो. अजय तनेजा, डॉ. वेदपति मिश्रा, श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, पद्मश्री प्रो. एस.एन. कुरील, डॉ. पुनीत मेहरोत्रा, श्री अतुल कुमार सिंह, श्री मयंक शर्मा, श्री अच्युतानंद पाठक, आईपीएस किरीट राठौर, डॉ. सुधा बाजपेयी, डॉ. प्रवीण सिंह ‘दीपक’, वरिष्ठ साहित्यकार सच्चिदानंद तिवारी ‘शलभ’, कवि-साहित्यकार एस.पी. शुक्ला, जितेंद्र दुबे (एडीसीपी/कवि) और डॉ. पल्लवी सिंह (आई सर्जन) के नाम शामिल हैं।
वहीं ‘अवध अस्मिता सम्मान-2026’ के लिए श्रीमती सांत्वना तिवारी, संतोष कुमार तिवारी, डॉ. राजेश कुमार, दुर्गा प्रसाद मिश्र, विक्रम सिंह और नवीन कोहली का चयन किया गया है।
काम की अलग-अलग पहचान, सम्मान एक
सम्मान की विभिन्न श्रेणियों में प्रशासनिक एवं लेखन, साहित्य एवं कला प्रोत्साहन, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, अवधी लेखन, गायन तथा मंच संचालन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
संस्था का कहना है कि सम्मान के पीछे उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति को मंच पर सम्मानित करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वाली प्रतिभाओं को पहचान देना और उनकी उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
“अवध की पहचान को आगे ले जाना हमारा संकल्प” : विनोद मिश्रा
अवध विकास संस्थान के अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने सम्मान समारोह को अवध की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को समर्पित बताते हुए कहा कि अवध केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि अपनी भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति, तहजीब और मानवीय मूल्यों की विशिष्ट पहचान है।
उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर समाज और प्रदेश का नाम रोशन करने वाली विभूतियों का सम्मान करना संस्थान के लिए गर्व की बात है। ‘तुलसी अवध श्री सम्मान’, ‘अवध गौरव सम्मान-2026’ और ‘अवध अस्मिता सम्मान-2026’ के माध्यम से उन कर्मयोगियों के योगदान को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज के लिए प्रेरणा का मार्ग तैयार किया है।
विनोद मिश्रा ने सभी सम्मानित होने वाली विभूतियों को बधाई देते हुए कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथियों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास अवध की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने वाली प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहित करने का है।
विश्वविद्यालय और पर्यटन विभाग के अधिकारी भी होंगे शामिल
कार्यक्रम में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के महानिदेशक सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों की सहभागिता प्रस्तावित है।
आयोजकों के अनुसार यह समारोह अवध की प्रतिभाओं को सम्मान देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक परंपरा और सामाजिक सरोकारों को नई पहचान देने का माध्यम बनेगा।